Published On : Wed, Nov 6th, 2019

प्याज की कीमतों पर काबू करने अब अन्य देशो से प्याज आयत करेगी सरकार

नागपुर– देश में प्याज की बढ़ती कीमतों को काबू करने के लिए केंद्र सरकार फुल एक्शन में आ गई है. उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सरकार अन्य देशों से प्याज का आयात बढ़ाएगी , ताकि इसकी कीमतों में कमी आए. आपको बता दें कि देशभर में प्याज की कीमतें 100 रुपये प्रति किलोग्राम के करीब पहुंच गई है. ऐसे में देशभर में प्याज की कीमत और उपलब्धता को लेकर अंतरमंत्रालयी समिति ने समीक्षा बैठक के बाद ये फैसला लिया है.

सरकार ने दिए ये आदेश- केंद्र सरकार ने फैसला किया है कि अफगानिस्तान, मिस्र , तुर्की और ईरान से प्याज की आपूर्ति बढ़ाई जाएगी. इन देशों से प्याज खरीदने के लिए सरकार फैसिलिटेटर की भूमिका निभाएगा, ताकि प्याज की आपूर्ति बढ़ाई जा सके. नेफेड को निर्देश दिया गया है कि दिल्ली में प्याज की आपूर्ति बढ़ाए. मदर डेयरी को सफल स्टोर्स के जरिए प्याज की आपूर्ति बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं. नेफेड के एमडी नासिक जाएंगे और प्याज के स्टॉक का जायजा लेंगे. नासिक से दिल्ली-एनसीआर जैसे क्षेत्र में प्याज की आपूर्ति बढ़ाने की कोशिश करेंगे.

दो अंतरमंत्रालयी टीम 6 और 7 नवंबर को कर्नाटक और राजस्थान जाएगी. प्याज के स्टॉक से दिल्ली एनसीआर में प्याज की आपूर्ति बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन करेगी. राजस्थान सरकार ने भरोसा दिया है कि पोस्ट हार्वेस्टिंग प्याज की आपूर्ति बढ़ाई जाएगी. हार्वेस्टिंग शुरू हो चुकी है.दिल्ली सरकार से भी कहा गया है कि अंतर मंत्रालयी टीम में शामिल होकर कर्नाटक और राजस्थान जाए. दिल्ली सरकार से कहा गया है कि वह व्यापारियों के साथ बैठक करे और उन्हें प्रोत्साहन दे कि वे ज्यादा प्याज उठाये. मुनाफाखोरी और कीमत का अनुमान लगाने संबंधी प्रक्रिया को हतोत्साहित करने की बात भी दिल्ली सरकार व्यापारियों से करें.

क्यों महंगी हुई प्याज- व्यापारियों का कहना है कि मंडी में प्याज की आवक कम होने से दामों में बढ़ोत्तरी हुई है. इसके पीछे बारिश को बताया जा रहा है. सोमवार को लासलगांव मंडी में प्याज की कीमतें 10 प्रतिशत बढ़कर चार साल के उच्च स्तर 55.50 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गईं. मौजूदा समय में प्याज देश भर के खुदरा बाजारों में 80 से 100 रुपये किलोग्राम के बीच बेची जा रही है.