Published On : Tue, Nov 18th, 2014

भद्रावती : दो नई कोयला खदानों को मिली मंजुरी

Coal Mines
ता. सवांदाता /अतुल कोल्हे

भद्रावती (चंद्रपुर)। भद्रावती वेकोली के माजरी क्षेत्र के कोयला खदान में 2 साल तक चलने वाला कोयला बचा है. ऐसे में इस क्षेत्र में नयी खदान की शुरुवात नही हुई तो भविष्य में कामगारों को स्थलांतर करना पड़ेगा. इस क्षेत्र में नागलोन और एकोना इन दो ही खदानों को मंजुरी मिली है.

वेकोलि के माजरी क्षेत्र में चारगांव, तेलवासा, न्यु माजरी और न्यु माजरी भुमिगत ऐसे चार उपक्षेत्र है. इस चार उपक्षेत्र के अंतर्गत एक भुमिगत तथा पांच खुली खदान चलायी जाती है. इन खदानों के में से ढोरवासा खदान का विस्तार किया गया है. इस खदान में 28 लाख टन तक कोयला है.

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2014-15 के वर्ष में इन खदानों से 18 लाख टन कोयला निकालने का लक्ष्य है. मतलब ये खदान अधिक से अधिक देढ साल तक चलेगी. क्षेत्र के पुरानी कुणाडा इस खदान में केवल 2 साल चले इतना कोयला बचा है. ये खदाने निजी ठेकेदारों द्वारा चलायी जाती है. वेकोलि व्यवस्थापना द्वारा चलाये जाने वाले नवीन कुणाडा फेस 1 और निजी ठेकेदारों द्वारा चलाये जानेवाले नवीन कुणाडा फेस 2 इन कोयला खदानों में ज्यादा कोयला स्टॉक नहीं बचा है. वेकोलि व्यवस्थापना द्वारा नागलोक भुतल और एकोना 2 ऐसे दो नई कोयला खदानों का प्रस्ताव रखा गया. इन खदानों को मंजूरी मिली है तथा यह दोनों खदान 2015-16 में शुरू होगी.

यह खदानें करीब 15 से 16 साल तक चलेगी इन खदानों में करीब साडे तीन हजार रोजगार निर्माण होगे. यहां के प्रकल्प ग्रस्त लोगों को इसमें समावेश करना जरुरी है. माजरी क्षेत्र में अभी नए खदानों की आवश्यकता है. 2 सालों में और नयी खदान शुरू नही हुई तो इस क्षेत्र में कार्यरत साडे तीन हजार कामगारों पर मजबुरन स्थलांतर करने की आवश्यकता पड़ेगी.
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