Published On : Wed, Oct 9th, 2019

गोंदिया: तालाब में ली जलसमाधि

प्रतिमा विर्सजन के दौरान घटा हादसा, एक ही परिवार के 2 चिराग बुझ गए

गोंदिया: मौत कहां, कब और किस रूप में आ जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता?
दिल दहला देने वाली हृदयविदारक घटना रावणवाड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले बाजारटोला के तालाब पर 8 अक्टूबर मंगलवार के शाम 5.30 बजे मुर्ति विसर्जन के दौरान घटित हुई, यहां एक ही परिवार के 2 जवान बेटों की प्रतिमा विसर्जन के दौरान डूबने से मृत्यु हो गई।

मां गांव में आंगणवाड़ी सेविका है तथा उसके 2 बेटे है और दोनों चिराग बुझ जाने से अब जहां गांव में मातम पसरा है, वहीं पेशे से बढ़ई का काम करने वाले परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

ढ़ोल-नगाड़ों के साथ निकला था जुलूस
घटना के संदर्भ में जानकारी देते मृतक युवकों के मामा ने बताया कि, ग्राम कलारीटोला में गत 26 वर्षों से सार्वजनिक दुर्गा उत्सव मंडल द्वारा प्रतिवर्ष नवरात्र पर्व मनाया जाता है। अष्टमी के हवन और नवमीं के कन्या भोज पश्‍चात दशमी को विसर्जन रखा गया।

ढोल-नगाड़ों के साथ ग्राम कलारीटोला से जुलूस बाजारटोला की ओर माता का जयघोष करते हुए के साथ रवाना हुआ, मजमें में 150 से 200 महिला-पुरूष शामिल थे। विधिवत आरती, पूजन पश्‍चात तकरीबन 20 युवक देवी प्रतिमा को उठाकर मुर्ति विसर्जन हेतु तालाब की गहराई में उतरे। पानी के भीतर की जमीन असमतल थी इसी बीच मुर्ति का पड्डा निकालते वक्त वह पड्डा अक्षय चितूलाल तेलासे (21) पर आ गया जिससे वह असंतुलित होकर पानी की गहराई में जा समाया। जैसे-तैसे उसे निकालकर गोंदिया के डॉ. बजाज सेंट्रल हॉस्पिटल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया, जिसपर लाश घर लायी गयी।


घर पहुंचे तो छोटा भाई नदारद था और मोबाइल बंद
जि.प. सदस्य नरेंद्र तुरकर ने बताया, अक्षय का शव घर लाने पर देखे तो उसका छोटा भाई आकाश (18) यह नहीं दिख रहा है तथा उसका मोबाइल भी घर पर ही स्वीच ऑफ होकर पड़ा है जिसके बाद समूचा गांव अनहोनी की आंशका से ग्रस्त होकर तालाब पर पहुंचा और रात के वक्त सर्च ऑपरेशन चलाया गया लेकिन कुछ मिला नहीं।

आज 9 अक्टू बुधवार के सुबह 7 बजे फिर रावणवाड़ी पुलिस व स्थानीय मछुवारों की मदद से बाजारटोला तालाब परिसर में खोज अभियान चलाया गया और आकाश चितूलाल तेलासे (18) का शव भी गड्ढे के भीतर से निकाला गया। अनुमान लगाया जा रहा है कि, बड़े भाई को गड्ढे में डूबता हुआ देख छोटा भाई उसे बचाने दौड़ा होगा? लेकिन उसने भी जलसमाधी ले ली। वहां कोई तैराकी मौजुद नहीं था इसलिए किसी प्रकार की कोई मदद नहीं हो पायी।
बड़ा बेटा अक्षय सेंकेड इयर की पढ़ाई नागपुर में कर रहा था तथा छोटा आकाश 12 वीं की पढ़ाई दासगांव में कर रहा था। अब दोनों बेटों की अकाल मृत्यु होने से इस गरीब परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है लिहाजा शासन ने इस पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद करनी चाहिए।

क्यों और कैसे घटा हादसा?
यहां बता दें कि, यह तालाब अंग्रेजों के समय का मालगुजारी बड़ा तालाब है तथा यहां प्रतिवर्ष विदेशी परिंदे (सारस) बड़ी संख्या में आते है तथा ग्राम बाजारटोला के इस तालाब को अब पर्यटन क्षेत्र का दर्जा भी दिया गया है।

लेकिन यह भी उतना ही सच है कि, गत कुछ वर्षों से ईजीएस के कामों में इस तालाब की मिट्टी का इस्तेमाल हो रहा है। बेहताशा उत्खन्न और तालाब खोलीकरण की वजह से जगह-जगह गहरे गड्ढे हो चुके है चूंकि इस वर्ष वर्षा अधिक हुई है तो तालाब पानी से लबालब है और भीतरी जमीन असमतल जो हादसों को निमंत्रण दे रही है।

रवि आर्य