
गोंदिया। भीषण गर्मी के बीच गोंदिया शहर की जनता पानी की एक-एक बूंद के लिए त्राहि-त्राहि कर रही है। प्रशासन की नाकामी और महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण (MJP) की घोर लापरवाही के खिलाफ शुक्रवार, 29 मई को जनता का सब्र का बांध टूट गया। शुद्ध पेयजल और नियमित जलापूर्ति की मांग को लेकर शिवसेना (ऊबाठा ) ने सैकड़ों गृहणियों के साथ मिलकर MJP कार्यालय पर धावा बोल दिया।
दफ्तर के बाहर जमा हुई गुस्साई महिलाओं ने हाथ में मटके लेकर पानी दो या गद्दी छोड़ो! .. सुधर जाओ , वर्ना उखाड़ फेंकेंगे जैसी जोरदार नारेबाजी की और अधिकारियों के सामने ही ‘मटका फोड़ आंदोलन’ कर अपनी सुलगती नाराजगी का इजहार किया।
महिलाओं ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पानी की सप्लाई दुरुस्त नहीं हुई, तो अधिकारी अपनी कुर्सी संभालने के लिए तैयार रहें।

‘ना नहाने को पानी, ना खाना पकाने को… पंकज यादव
इस बड़े जनांदोलन का नेतृत्व शिवसेना ( ऊबाठा) जिला प्रमुख व नगरसेवक पंकज यादव और शिवसेना (UBT) की जिला संगठिका रूपाली रोटकर ने किया। आंदोलनकारियों ने अधिकारियों को घेरकर एक तीखा ज्ञापन सौंपा और व्यवस्थाओं को युद्ध स्तर पर सुधारने की मांग की।
इस अवसर पर पंकज यादव ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा -शहर की जनता प्यासी मर रही है और अधिकारी एयरकंडीशनर कमरों में आराम फरमा रहे हैं। शहर की पब्लिक को एक टाइम आधा घंटा भी मीठा पानी नसीब नहीं हो रहा। गृहणियां खाना पकाने और नहाने के पानी के लिए व्यवस्था को दर-दर भटक रही हैं। यह शर्मनाक है।
नल से टपक रहा ‘जहर’, पाइपलाइन से आ रहा ‘बीमारी का पानी’
पड़ताल में सामने आया कि शहर के माताटोली, बजरंग नगर, गणेश नगर और शास्त्री वार्ड जैसे कुछ इलाकों में हालात बद से बदतर हो चुके हैं।
यहां मीठे पानी की भारी किल्लत है, नल चौबीस घंटे में सिर्फ एक बार और वो भी सुबह आधा घंटा नहीं आता।
बजरंग नगर और गणेश नगर के कुछ हिस्सों में MJP की पाइपलाइन से जो पानी आ रहा है, वो इतना मटमैला और दुर्गंधयुक्त है कि उसे देखना भी दूभर है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बजरंग नगर में पिछले एक महीने से अधिक समय से दूषित पानी की समस्या बनी हुई है, लेकिन अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही।
शिवसेना (UBT) द्वारा सौंपे गए प्रतिवेदन में सीधे तौर पर कहा गया है कि महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण ( MJP ) की यह लापरवाही शहर में किसी बड़ी महामारी या गंभीर रोगों को जन्म दे सकती है। दूषित पानी पीकर लोग बीमार हो रहे हैं।
आंदोलन के दौरान अधिकारियों को प्रतिवेदन सौंपते हुए दोटूक शब्दों में चेतावनी दी गई है कि पाइपलाइन में दूषित पानी क्यों और कहां से मिल रहा है, इसकी तुरंत जांच की जाए। अगर इस गंभीर समस्या का कोई स्थाई और ठोस समाधान जल्द नहीं निकाला गया, तो आने वाले दिनों में MJP अधिकारियों का बड़े स्तर पर घेराव किया जाएगा और आंदोलन को इससे भी अधिक उग्र रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
रवि आर्य








