Published On : Thu, Jul 16th, 2020

गोंदिया: रैपिड एंटीजन टेस्ट की शुरुआत , नई तकनीक से 30 मिनट में रिपोर्ट

पायलट प्रोजेक्ट के पहले दिन , किट से 75 टेस्ट

गोंदिया लगातार कोरोना वायरस के बढ़ रहे मामलों को देखते हुए इस संक्रमण के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने के लिए इस घातक वायरस का जल्द पता लगाने में रैपिड एंटीजन टेस्ट की शुरूवात की गई है। इस नई तकनीक के टेस्ट से कोरोना संदिग्धों का जल्द पता लगाने में मदद होगी, एैसी जानकारी जिलाधिकारी डॉ. कांदबरी बलकवड़े ने जिलाधीश कार्यालय में आयोजित एक बैठक में देते बताया कि, कोरोना संदिग्धों के जल्द निदान के लिए जिले में तेजी से निरीक्षण प्रक्रिया शुरू की गई है और पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इसे शहर के कुंभारेनगर से शुरू किया गया है।

यह किट कोरोना के संदिग्ध मरीजों की प्राथमिक जांच के लिए बहुत ही उपयोगी है और केवल 30 मिनट में ही इसकी परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त होती है। इससे प्रशासन को जिले में इस खतरनाक संक्रमण को रोकने में आवश्यक उपाययोजना करने में मदद हो सकेगी।

रैपिड एंटीजन किट का उपयोग सारी, आय.एल.आय. शुगर, ब्लड प्रेशर के साथ-साथ पुरानी बीमारियां, गर्भवती महिलाओं, 60 वर्ष से अधिक के व्यक्ति तथा कोरोना संदिग्धों का निदान करने के लिए भी किया जा सकता है।

सभी शासकीय अस्पतालों में किट उपलब्ध

यदि रेपिड एंटीजन किट से किसी व्यक्ति को कोरोना संक्रमण का पता चलता है तो उस व्यक्ति का इलाज कोविड केयर सेंटर अथवा संस्थात्मक आइसोलेशन कक्ष में किया जाएगा और यदि व्यक्ति की रिपोर्ट नकारात्मक है तो वह घर जा सकता है। इसलिए कंटेन्मेंट जोन के नागरिक घबराए नहीं बल्कि आगे आकर कोरोना रेपिड एंटीजन टेस्ट करवाएं और इससे कोरोना संक्रमण को रोकने में मदद मिलेगी।

कंटेन्मेंट जोन के नागिरकों को रैपिड एंटीजन परीक्षण के लिए प्राथमिकता दी जाएगी और यह सुविधा जिले के सभी फिवर क्लीनिक, केटीएस अस्पताल व सभी ग्रामीण अस्पतालों में उपलब्ध करायी गयी है।

कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए शहर के कुंभारेनगर के कंटेन्मेंट जोन में रेपिड एंटीजन परीक्षण 14 जुलाई से शुरू किया गया है और 15 जुलाई तक कुल 75 नागरिकों की जांच की गई है। इन सभी नागरिकों की रिपोर्ट नकारात्मक रही है। इस किट के माध्यम से संबंधित व्यक्ति के स्वैब नमूने लेकर मात्र 15 से 30 मिनट के भीतर रिपोर्ट प्राप्त की जा सकती है।

यदि व्यक्ति में बीमारी के लक्षण है और रिपोर्ट नकारात्मक है तो संबंधित व्यक्ति के दुबारा स्वैब नमूने लेकर प्रयोगशाला में भेजा जाता है। आमतौर पर प्रयोगशाला में नमूने भेजने पर रिपोर्ट प्राप्त होने में लगभग 24 से 48 घंटे का समय लगता है परंतु रेपिड एंटीजन किट से मात्र 30 मिनट के भीतर रिपोर्ट प्राप्त होने पर संक्रमित का समय पर उपचार शुरू हो सकता है और इससे जिले में कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने में भी जिला प्रशासन को काफी हद तक मदद मिलेगी।

आयोजित बैठक में अप्पर जिलाधिकारी राजेश खवले, जिला शल्य चिकित्सक डॉ. भूषणकुमार रामटेके, प्रभारी जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नितीन कापसे, डॉ. प्रशांत तुरकर, समाज कल्याण के सहायक आयुक्त मंगेश वानखेड़े आदि उपस्थित थे।

रवि आर्य