Published On : Sat, Apr 18th, 2020

गोंदिया पुलिस ने दिखाई दरियादिल

बेसहारा 100 मजदूरों को उपलब्ध कराया अनाज

गोंदिया । कड़क रुख को लेकर आमतौर पर खाकी वर्दी भले ही बदनाम हो लेकिन उसके अंदर भी दया ओर मानवता का सागर उमड़ता है ।
जिस प्रकार 17 अप्रैल शुक्रवार को गोंदिया ग्रामीण थाना प्रभारी प्रदीप अतुलकर ने अपने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में बेसहारा भूखे 100 मजदूरों को खाद्य सामग्री उपलब्ध कराकर उनकी मदद की है यह सुनकर खाकी वर्दी के प्रति पनप रही आपकी धारणा बदल जाएगी।

कोरोना के चलते हुए देशव्यापी लाक डाउन के कारण महानगरों में रोजी-रोटी की आस खत्म होने तथा सरकार की बदइंतजामी और बेरुखी की वजह से कई प्रवासी मजदूर अपने -अपने घरों की ओर निकल पड़े हैं।


घर पहुंचने के लिए भी इन्हें खासी जद्दोजहद करनी पड़ती है। भूखे- प्यासे यह मजदूर सफर के दौरान रास्ते में थक जाने पर कुछ वक्त सुस्ताने के लिए ठंडी छांव के नीचे बैठ जाते हैं।

गोंदिया से सटे नागरा के मोहरानटोली इलाके में सड़क किनारे कच्चे मकान के छपरी में छांव के बीच बैठे कुछ बेसहारा मजदूर , गश्त कर रही पुलिस टीम को नजर आए।

गौरतलब है कि कोरोना वायरस के चलते देशव्यापी लॉक डाउन के बीच पुलिस भी दिन-रात मुस्तैदी से ड्यूटी पर तैनात है। बेसहारा मजदूरों के मोहरानटोली इलाके में बैठे होने की जानकारी पेट्रोलिंग में जुटे सहायक पुलिस निरीक्षक प्रदीप अतुलकर को मिलने पर वे मौके पर पहुंचे।
हालात का जायजा लेने के बाद अतुलकर ने आला पुलिस अधिकारियों को फोन पर विस्तृत जानकारी दी।

जिसके बाद इन बेसहारा मजदूरों हेतु खाद्य सामग्री और उनके खाने-दाने की व्यवस्था के लिए सामाजिक संस्थाओं से संपर्क साधा गया ।
तत्काल वरिष्ठ पुलिसअधिकारियों का आदेश मिलते ही मदद भी उपलब्ध हो गई और 5-5 किलो चांवल भरी 100 थैलीयों (बेग) को पुलिस वैन में लादकर मोहरानटोली पहुंचाया गया और अन्य खाद्य सामग्री भी देकर पुलिस कर्मचारियों ने इन बेसहारा और गरीब लोगों की सहायता की , जिसकी अब हर तरफ तारीफ हो रही है।

यह अन्न वितरण का पुनित कार्य जिला पुलिस अधीक्षक मंगेश शिंदे , उपविभागीय पोलीस अधिकारी जगदीश पांडे के मार्गदर्शन में प्रभारी सापोनि. प्रदीप अतुलकर, सापोनि . अभिजीत भुजबल , पोउपनि. उमेश गुटाड़ , रोहिदास भोर , बाबू मुंडे , पुलिस हवलदार शेखर खोब़ागड़े , राजेश भुरे , पुलिस नायक गीतेंद्र डिब्बे , राजू गुरुबेले ,अजय पटले , पोसि. शरद चौहान , खेमचंद बिसेन , संजीव चाकोले , दीपक लिलहारे , रुपेश कटरे , दीपक ढ़ोले , महिला सिपाही रंजीता तांडेकर ,भारती यावलकर , वाहन चालक सिपाही घनश्याम कुंभलवार , सोहनलाल लांजेवार आदि के सहयोग से किया गया ।

रवि आर्य