Published On : Tue, Feb 11th, 2020

गोंदियाः पर्चों से पिपरिया और रामाटोला में मची दहशत

नक्सली, पुलिस को करा रहे है इलाके में उपस्थिति का अहसास

गोंदिया: पुलिस-नक्सलियों के बीच हिंसक मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों की याद में पिपुल्स लिब्ररेशन गुर्रिला आर्मी (पीएलजीए) तथा जनवादी क्रांतिकारी माओवादी संगठन यूं तो नक्सल शहीद सप्ताह २६ जुलाई से ३ अगस्त तक मनाता रहा है, लेकिन सरकार विरोधी पर्चे में लोकतंत्र को झूठ और चुनाव को धोखा बताते हुए तांडा-दर्रेकसा दलम से जुड़े नक्सलवादियों ने गोेंदिया जिले के सालेकसा तहसील के ग्राम पिपरिया तथा रामाटोला रोड पर ३ अलग-अलग किस्म के पॉम्प्लेट और बैनर लगाते हुए जिला पुलिस प्रशासन को यह अहसास कराने का प्रयास किया है कि, उनकी मौजुदगी अब भी इस इलाके में है।

बैनर-पोस्टर्स के सहारे पीएलजीए में भर्ती की अपील


सोमवार १० फरवरी के सुबह सालेकसा तहसील के ग्राम पिपरिया और रामाटोला की सड़क और उसके आसपास की झाड़ियों में पॉम्प्लेट और बैनर देखे गए, एक पर्चे में ३ अगस्त २०१९ को बाघनदी थाना क्षेत्र के शेरपार पहाड़ी इलाके में हुई पुलिस मुठभेड़ का जिक्र करते हुए जीआरबी डिवीजन कमेटी के सिनीयर कामरेट सुखदेव लक्ष्मण मनीराम तथा उनके साथ हमले में मारे गए कॉ. हितेश, प्रमिला, मीना, ललीता, सीमा, शिल्पा, इन्हें शहीद करार देते हुए आपका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा? जनवादी भारत निर्माण होकर रहेगा? इस तरह के शब्दों का उल्लेख किया गया है।

दुसरे पॉम्पलेट में शेरपार पहाड़ी इलाके में मुठभेड़ के दौरान मारे गए ७ नक्सलियों को शहीद योद्धा करार देते हुए नौजवानों से पीएलजीए में भर्ती होने का आव्हान भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) जीआरबी डिवीजनल कमेटी की ओर से किया गया है।

तीसरे पाम्पलेट में जनवरी-फरवरी २०२० में हुए राजनांदगांव जिला परिषद व पंचायत समिति चुनाव के लोकतंत्र प्रणाली को झूठ करार देते हुए कहा गया है- ग्रामसभा की अनुमति के बगैर कोई फार्म न भरें, अगर भूल से भरे है तो ग्रामसभा के सामने वापस उठा लें। गांव का सरपंच एैसा होना चाहिए जो जनता के छोटे से छोटे समस्या को उठाकर उसका निराकरण करें। इस बैनर के नीचे भारत की कम्यूनिस्ट पार्टी (माओवादी) तांडा-दर्रेकसा एरिया कमेटी का जिक्र किया गया है।

जिला नक्सल सेल विभाग और एसआईटी एक्शन में
गौरतलब है कि, इसके पहले पुलिस मुखबिरी के संदेह में दर्रेकसा दलम के १० शस्त्रधारी नक्सलियों ने ग्राम नवेगांव निवासी लालसिंग यादव नामक ५० वर्षीय किसान की सिर में गोली मारकर उसकी हत्या करते हुए ३० जनवरी २०२० को उसका शव गोंदिया-डोंगरगढ़ मार्ग पर शेरपार- नवागांव के बीच कच्चे मार्ग पर रख दिया था और लाश के पास पत्रक छोड़ते हुए नागरिकता संशोधन कानून २०१९ और एनआरसी वापस लो जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार पर देश को हिंदू राष्ट्र बनाने तथा संविधान की धज्जीयां उड़ाने का आरोप पर्चे में लगाया था।

अब पिपरिया और रामाटोला में ३ अलग-अलग किस्म के पर्चे मिलने के बाद ग्रामीणों के बीच दहशत व्याप्त है।

बहरहाल सालेकसा पुलिस ने दोनों गांव से तमाम पर्चे हटवाकर उन्हें अपने कब्जे में ले लिया है तथा कुछ पत्रक जिला नक्सल सेल विभाग अधिकारियों और एसआईटी के अधिकारियों को मामले की गहन छानबीन हेतु भेज दिये है।

सालेकसा थाने के स्टेशन डायरी रजिस्टर में नोंद इंट्री लेकर संबंधित दलम के नक्सलियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की कार्रवाई में पुलिस जुटी है।

रवि आर्य