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    Published On : Wed, Jul 22nd, 2020
    nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

    गोंदिया: हनुमानजी को सोने की गदा का चढ़ावा चढ़ाया

    डेढ़ किलो वजनी , 75 लाख रुपए की स्वर्ण गदा अर्पित

    गोंदिया । हनुमान जी की शक्ति , शौर्य और वीरता के बारे में सभी भक्तों को जानकारी है। महाबली राम भक्त श्री हनुमान जी के अस्त्र-शस्त्रों में पहला स्थान उनकी गदा का है। सिविल लाइन के हनुमान चौक स्थित वीर बजरंगी के मंदिर को सिद्ध मंदिर का दर्जा हासिल है लिहाज़ा वीर हनुमान के हाथों में वज्र सदा विराजमान रहे इसी श्रद्धा और आस्था के साथ डेढ़ किलो वजनी सोने की गदा का चढ़ावा आमगांव निवासी देवेश असाटी नामक भक्त द्वारा चढ़ाया गया है।

    18 जुलाई 2020 को श्रद्धा और भक्ति देखने लायक थी असाटी परिवार के सदस्य सुबह 6:00 बजे वीर बजरंगी के दरबार में पहुंचे, लॉकडाउन के कारण मंदिर के द्वार बंद थे ऐसे में रामरक्षा रूद्र अभिषेक की रस्में मंदिर के बाहर ही पुजारी प. सुरेंद्र शर्मा की उपस्थिति में पूरी की गई तथा विधिवत पूजा अनुष्ठान पश्चात सुबह 7:00 बजे सोने की गदा का चढ़ावा वीर बजरंगबली को अर्पित किया गया।

    गौरतलब है कि संसार में ऐसी कोई कामना नहीं जो हनुमान जी की साधना से पूरी ना हो सके ? महाबली हनुमान की शरण में आने पर समस्या का तत्काल समाधान होकर समस्त चिंताएं दूर हो जाती है तथा व्यापार में उन्नति और धन लाभ का मार्ग प्रशस्त हो जाता है। बताया जाता है कि नावेल्टी क्लाथ सेंटर (आमगांव) के असाटी परिवार ने वीर बजरंगी के शरण में आकर 2014 में स्वर्ण मुकुट , 2017 में सोने का छत्र और अब लगभग 70 से 75 लाख रुपए मूल्य की डेढ़ किलो वजनी स्वर्ण गदा श्रद्धा से भक्तों के दर्शनों हेतु अर्पित की है जिसे मंदिर ट्रस्ट समिति ने स्वीकार कर लिया है।

    हनुमानजी का दरबार सजाना , यह सपना था- देवेश असाटी

    हमने हनुमान भक्त देवेश असाटी से बात की उन्होंने बताया- 20 साल पहले मैं मंदिर के बाजू में किराए के मकान में रहता था उस जमाने में छोटा सा मंदिर था तबसे वीर बजरंगी बाबा से मेरा प्रेम है जो आज मेरे पास है उन्हीं का दिया प्रसाद है।

    हनुमान जी का दरबार सजाना है यह सपना था ईश्वर ने जैसे-जैसे मौका दिया वैसे वैसे मुकुट , क्षत्र, गदा अर्पित की है।

    यह सोने का मुद्गल ( गदा ) उन्होंने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के कारीगर से बनवाई है। इसकी ऊंचाई 26 इंच तथा गोलाकार व्यास 8 इंच है ।
    देवेश असाटी ने बताया-कोरोना काल समाप्ति पश्चात जैसे ही मंदिर के पट खुलेंगे एक सप्ताह का अखंड कीर्तन होगा तत्पश्चात 20 से 25 हजार श्रद्धालुओं के लिए आम भंडारा (लंगर ) रखा जाएगा।

    रवि आर्य

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