
नगराध्यक्ष के ‘लेटर बम’ से हड़कंप: ‘फाइनल बिल’ पेश कर पेमेंट निकालने वाले ठेकेदार पर गिरेगी गाज
गोंदिया। गोंदिया नगर परिषद के निर्माण विभाग से एक ऐसा सनसनीखेज पत्र बाहर आया है, जिसने शहर के सियासी और प्रशासनिक गलियारों में भूचाल ला दिया है। मामला प्रभाग क्रमांक 12 में रामेश्वर मंदिर और बसंत टॉल के पास सामाजिक सभागार निर्माण से जुड़ा है। आरोप है कि ठेकेदार ने कोर्ट के आदेशों और प्रशासनिक रोक को ठेंगे पर रखकर, बिना काम पूरा किए ही सरकारी खजाने से पूरा बिल निकालने की एक बेहद दुस्साहसिक साजिश रची।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नगराध्यक्ष सचिन शेंडे ये निर्माण कार्य स्थल पर पहुंचे और 30% काम देखकर हैरानी जताते हुए मुख्य अधिकारी से ठेकेदार पर तत्काल फौजदारी मामला दर्ज करने और उसे 3 साल के लिए ब्लैकलिस्ट करने का कड़ा पत्र जारी कर दिया है।
न्यायालय में था मामला, तहसीलदार ने दिया था ‘स्टे’
सरकारी दस्तावेजों के अनुसार, नजूल आबादी शीट क्रमांक 37 डी, न.भू.क्र. 514/65 (रामेश्वर मंदिर के पास) पर सामाजिक सभागार निर्माण के लिए दिनांक 8/1/26 को कार्यादेश (क्र. नपगो/बांधकाम/062/25) जारी किया गया था। लेकिन कार्य के दौरान स्थानीय निवासी सौ. पुष्पांजली बैस और श्रीमती सीमा फुंडे के आने-जाने का मुख्य मार्ग बंद हो गया। यह विवाद मा. द्वितीय सह दिवाणी न्यायालय (वरिष्ठ स्तर), गोंदिया में न्यायप्रविष्ट (सब-जुडिस) हो गया। इसके बाद मा. अपर तहसीलदार और मा. मुख्याधिकारी (पत्र क्र. नपगो/बांधकाम/मुअ/142/25 दिनांक 29/4/26) के आदेशानुसार इस काम को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया गया था।
मापन पुस्तिका में ‘फर्जीवाड़ा’ कर बना डाला फाइनल बिल!
लेटर में हुए चौंकाने वाले खुलासे के मुताबिक, काम बंद होने के बावजूद लेखा विभाग बिल आवक क्रमांक 182/21-5-26 के तहत जब 25 मई 2026 को मौके का निरीक्षण किया गया, तो अधिकारी दंग रह गए। अनुमान पत्र (Estimate) के अनुसार काम पूरा ही नहीं हुआ था, न ही किए गए कार्य का कोई वास्तविक मापन दर्शाया गया था। बावजूद इसके, कार्यालय को पूरी तरह गुमराह करते हुए मापन पुस्तिका (Measurement Book) क्र. 107/23-24 पृष्ठ क्र. 8-13 का सहारा लेकर सभी मदों (Items) के शत-प्रतिशत भुगतान तैयार करवा लिए गए और राशि निकालने का प्रयास किया गया। पत्र में साफ लिखा है कि जब सभागार जैसी इमारत का कार्य ही पूर्ण नहीं हुआ और उचित अवधि तक क्योरिंग (तराई) तक नहीं हुई, तो गुणवत्ता मटियामेट होना तय था।
बिना काम किया पूरा पेमेंट निकालने का है गंभीर आरोप
इस तरह “प्रशासनिक आदेश की अवहेलना कर, कार्य पूरा किए बिना समस्त मदों (Items) का उल्लेख कर संपूर्ण भुगतान प्राप्त करने का प्रयास किए जाने का तथ्य उजागर होने के कारण आपका नाम आगामी 3 वर्षों तक नगर परिषद की काली सूची (Blacklist) में शामिल किया जा रहा है इस बात की जानकारी नगराध्यक्ष सचिन शेंडे ने पत्र जारी कर संबंधित ठेकेदार को दी है।
इतना ही नहीं पत्र की प्रतिलिपी अपर तहसीलदार (तहसील कार्यालय गोंदिया) को प्रेषित कर आदेश की अवहेलना कर कार्य जारी रखने वाले ठेकेदार के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्यवाही करने और मुख्याधिकारी ( नगर परिषद गोंदिया) इन्हें विभाग को गुमराह कर बिना कार्य संपूर्ण बिल तैयार करवाकर फर्जी भुगतान निकालने की कोशिश पर ठेकेदार के खिलाफ अपराधिक मामला (FIR) दर्ज करने और 3 साल के लिए ब्लैकलिस्ट करने की सिफारिश की है।
साथ ही नगर परिषद बांधकाम सभापति इन्हें विभागीय स्तर पर संज्ञान लेने को कहा गया है तथा सभा अधीक्षक ( नगर परिषद गोंदिया) से आगामी होने वाली सर्वसाधारण सभा (General Body Meeting) में इस घोटाले के विषय को चर्चा और निर्णय के लिए पटल पर रखने हेतु कहा गया है।
बहरहाल यह मामला सीधे-सीधे जनता के टैक्स के पैसे की लूट और सरकारी दस्तावेजों में हेरफेर का है। अब देखना यह है कि मुख्याधिकारी इस मामले को लेकर क्या भूमिका अपनाते हैं।
रवि आर्य
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