Published On : Mon, Jun 29th, 2020

गोंदियाः होटल मालिक से 5000 की रिश्‍वत लेते स्टेट एक्साइज विभाग का ASI गिरफ्तार

अवैध शराब बिक्री को समर्थन और संरक्षण देने हेतु स्वीकारी घूस

गोंदिया। ढाबों और सावजी होटलों में बैठकर शराब पीने वाले पियक्कड़ों और शराब बेचने वाले होटल मालिकों के खिलाफ जिस राज्य उत्पादन शुल्क विभाग का काम उनकी धरपकड़ कर अवैध शराब के कारोबार को जड़ से खत्म करने का है, उसी विभाग का सहायक उपनिरीक्षक अगर होटल मालक के खिलाफ कार्रवाई के बजाए उसे धंधे में पूरा समर्थन, प्रोत्साहन और संरक्षण देने की बात कहे तो मामले की गंभीरता को समझा जा सकता है।

होटल संचालक से रिश्‍वत की मांग करते हुए स्टेट एक्साइज विभाग के सहायक उपनिरीक्षक के खिलाफ शिकायत मिलते ही एंटी करप्शन ब्यूरो न जाल बिछाया और 5000 की घूस स्वीकार करते हुए उसे सोमवार 29 जून को रंगेहाथों गिरफ्तार किया है।

मामला कुछ यूं है कि, शिकायतकर्ता यह होटल की आड़ में अवैध शराब की बिक्री करता है जिसपर उसके विरूद्ध गोंदिया शहर थाने में मुंबई दारूबंदी अधिनियम के तहत मामला दर्ज है। इसकी जानकारी राज्य उत्पादन शुल्क विभाग (स्टेट एक्साइज) के सहायक उपनिरीक्षक शैलेश तर्‍हाटे इन्हें लगने पर वह शिकायतकर्ता के पास गया और कहा- तुम्हारा अवैध शराब का कारोबार चल रहा है, तुम्हारे खिलाफ राज्य उत्पादन शुल्क विभाग की कार्रवाई हो सकती है? मैं फ्लाइंग स्कॉड में हूं, मैं किसी को भी तुम्हारे पास आने नहीं दूंगा, अगर कोई आता भी है तो तुम उस समय मुझे फोन कर देना, मैं तुम्हारे खिलाफ बिना किसी कार्रवाई के मदद करूंगा, इसके बदले में तुम मुझे 7-8 हजार का एक मोबाइल फोन लेकर दे दो जिसपर शिकायतकर्ता ने 7-8 हजार का मोबाइल फोन खरीदकर देने में असमर्थता दर्शायी तो सहायक उपनिरीक्षक ने 5 हजार रूपये रिश्‍वत की मांग कर दी।

शिकायतकर्ता यह रिश्‍वत की रकम देने का इच्छुक नहीं था लिहाजा उसने 24 जून को भ्र्रष्टाचार प्रतिबंधक विभाग के गोंदिया दफ्तर पहुंच शिकायत दर्ज करायी।


एसीबी टीम ने मामले की उचित जांच पड़ताल आज 29 जून को सिविल लाइन के कैफे हाऊस (बटर कॅन्टीन) यहां जाल बिछाकर सफल कार्रवाई को अंजाम दिया।

इस कार्रवाई के दौरान राज्य उत्पादन शुल्क विभाग (सीमा जांच नाका देवरी) के सहायक उपनिरीक्षक तथा भरारी पथक (भंडारा) के अतिरिक्त प्रभारी शैलेश तन्हाटे (50) इसे शिकायतकर्ता के खिलाफ शराब बिक्री हेतु राज्य उत्पादन शुल्क विभाग द्वारा कार्रवाई न होने देने के लिए 5 हजार रूपये की रिश्‍वत स्वीकारते पंच गवाहों के समक्ष रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया गया।

इस प्रकरण के संदर्भ में अब घूसखोर सहायक उपनिरीक्षक के खिलाफ गोंदिया शहर थाने में धारा 7, भ्रष्टाचार प्रतिबंधक कानून 1988 (सुधारित अधिनियम 2018) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
इस कार्रवाई को पुलिस अधीक्षक श्रीमती रश्मी नांदेडकर तथा अप्पर पुलिस अधीक्षक राजेश दुद्दलवार (एसीबी नागपुर) के मार्गदर्शन में पुलिस उपअधीक्षक रमाकांत कोकाटे, सहायक उपनिरीक्षक शिवशंकर तुमड़े, विजय खोब्रागड़े, पो.ह. प्रदीप तुलसकर, राजेश शेंद्रे, नापोसि रंजीत बिसेन, दिगंबर जाधव, नितिन रहांगडाले, राजेंद्र बिसेन, मनापोसि वंदना बिसेन, चालक नापोसि देवानंद मारबते आदि ने अंजाम दिया।

रवि आर्य