Published On : Sun, Mar 22nd, 2020

गोंदिया : जीवन आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर अन्य दुकानें 27 मार्च तक बंद के आदेश

कोरोना से निपटने हेतु जिला प्रशासन एक के बाद एक उठा रहा कदम

गोंदिया। कोरोना वायरस ने पूरे विश्व में अपनी दहशत फैला रखी है इससे भारत भी अछूता नहीं है ,तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस से निपटने के लिए महाराष्ट्र सरकार व जिला प्रशासन अब धीरे-धीरे एक के बाद एक कदम उठा रहा है।

राज्य में रोग निवारण अधिनियम १८९७ की धारा २, ३ और ४ के प्रावधानों को लोगू करने के लिए १३ मार्च २०२० को एक अधिसूचना जारी की गई है।

इस अधिनियम के तहत अब गोंदिया जिलाधिकारी डॉ. कादंबरी बलकवड़े ने जिले में आवश्यक सेवा अधिनियम के तहत आने वाली जीवन उपयोगी वस्तुओं की दुकान , महत्वपूर्ण कार्यालय को छोड़कर अन्य सभी दुकान और प्रतिष्ठान 27 मार्च तक बंद करने के आदेश जारी किए है।

किराना ,दूध , फल – सब्जी, दवा दुकानें खुली रहेंगी


इस आदेश के तहत जिले की सभी उत्पादन बिक्री की दुकानें, मॉल, सुपर मार्केट आदि बंद रहेंगे हालांकि पीने के पानी, घनकचरा व्यवस्थान सेवा, बैंक सेवा, दूरध्वनी व इंटरनेट सेवा, रेलवे, संचार सुविधाएं, राशन की दुकानें, फल-सब्जी, दूध, किराना, पोल्ट्री उत्पादन, रसोई गैस गोदाम, हॉस्पिटल, मेडिकल स्टोर , बिजली केंद्र, पेट्रोल व पेट्रोलियम उत्पादन, सूचना प्रोद्यौगिक क्षेत्र की आवश्यक सुविधाएं खुली रहेंगी।

यह आदेश 22 मार्च के सुबह 7 बजे से 27 मार्च के रात्रि 12 बजे तक लागू रहेगा तथा परिस्थितियों को देखते हुए समय-समय पर आदेश को संशोधित किया जाएगा।

उपरोक्त निर्देशानुसार सभी उपविभागीय दंडाधिकारी व उपविभागीय पुलिस अधिकारियों से अपने अधिकार क्षेत्र में आदेश को लागू करने के निर्देश दिए गए है।

उपरोक्त आदेश का पालन न करने वाले संबधित व्यक्ति अथवा संस्था के खिलाफ भारतीय दंड संहिता १८६० (४५) की कलम १८८ के तहत कार्रवाई की जाएगी।

खाने-पीने के सामानों की नहीं है कोई किल्लत

गोंदिया जिले की जनता को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं खाने-पीने के सामानों की जिले में कोई किल्लत नहीं है इसलिए जीवन आवश्यक वस्तुओं का संग्रह ना करें ।

नागरिकों को जीवन उपयोगी वस्तुएं हर हाल में उपलब्ध होंगी ऐसी अपील गोंदिया कलेक्टर डाॅ. कादंबरी बलकवड़े की ओर से जारी करते जिला आपत्ती व्यवस्थापन अधिकारी राजन चौबे ने कहा- हमें खुद को इतनी ईमानदारी बरतना है कि हम भीड़-भाड़ वाली जगहों में जाने से बचें तथा जो लोग नेगेटिव हैं लेकिन 14 दिनों के ऑब्जरवेशन में हैं इसलिए वे एक प्रबुद्ध नागरिक होने के नाते अपनी जिम्मेदारी समझें , अपनी जान की नहीं तो , दूसरों के जान की परवाह करें और दूसरों के टच में ना आएं , 14 दिनों तक अकेले रहें , कोई घबराने की बात नहीं है।

रवि आर्य