गोंदिया। महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के इस्तीफे से खाली हुई राज्यसभा की इकलौती सीट पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने भारी सस्पेंस को खत्म करते हुए पूर्व MLC राजेंद्र जैन को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। मुंबई में हुई एनसीपी कोर कमेटी की अहम बैठक के बाद पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने खुद राजेंद्र जैन के नाम पर मुहर लगाई।
राजेंद्र जैन ने ‘महायुति’ के आधिकारिक उम्मीदवार के तौर पर राज्यसभा उम्मीदवारी का अपना पर्चा (नामांकन) दाखिल किया हैं।
भुजबल और नवनीत राणा का नाम रेस से बाहर!
इस सीट को लेकर सियासी गलियारों में कयासों का बाजार बेहद गर्म था। कैबिनेट मंत्री व वरिष्ठ नेता छगन भुजबल और फायरब्रांड नेता नवनीत राणा के नामों की सबसे तेज चर्चा थी। लेकिन एनसीपी हाईकमान ने विदर्भ क्षेत्र को मजबूत प्रतिनिधित्व देने के लिए एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक खेला और इन दोनों दिग्गजों को पीछे छोड़ते हुए राजेंद्र जैन के नाम पर अंतिम मुहर लगा दी।
राजेंद्र जैन को वरिष्ठ एनसीपी नेता और राज्यसभा सांसद प्रफुल्ल पटेल का बेहद करीबी और संकटमोचक माना जाता है। रविवार देर रात पार्टी ने इस फैसले से सबको चौंका दिया।
गोंदिया-भंडारा रचेगा इतिहास: सांसदों की “त्रिशक्ति “
बता दें कि इस राज्यसभा सीट का कार्यकाल अभी साल 2028 तक है। इस सीट पर उपचुनाव के लिए वोटिंग 18 जून को होनी तय हुई है। हाल ही में सुनेत्रा पवार ने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर बारामती विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़ा था, जहां उन्होंने शानदार जीत हासिल की। अब एनसीपी ने विदर्भ के अपने वरिष्ठ नेता राजेंद्र जैन को सुनेत्रा पवार की यह बड़ी सियासी विरासत सौंपकर एक बड़ा दांव खेला है। राजेंद्र जैन की इस उम्मीदवारी और उनकी तय मानी जा रही जीत के बाद गोंदिया-भंडारा जिले के इतिहास में पहली बार एक नया रिकॉर्ड बनने जा रहा है। जिले में अब एक साथ 3 सांसद होंगे।
लोकसभा में प्रशांत पडोले ,
राज्यसभा में प्रफुल्ल पटेल और राज्यसभा से राजेंद्र जैन (भावी) इस ‘त्रिशक्ति’ के आने से निश्चित तौर पर गोंदिया-भंडारा जिले के विकास को एक नई और तूफानी गति मिलेगी। राजेंद्र जैन के नाम की घोषणा होते ही पूरे महायुति कार्यकर्ताओं और समर्थकों में जश्न का माहौल है, गोंदिया भंडारा जिले की जनता अपनी खुशी का इजहार कर रही है।
रवि आर्य




