गोंदिया। गोंदिया जिले के रावणवाड़ी इलाके से एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने इंसानियत और भरोसे को तार-तार कर दिया है।
जिस नौकर पर मालिक ने आंख मूंदकर भरोसा किया और पेट पालने के लिए काम दिया, उसी ने मामूली विवाद में अपने मालिक को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया , 2 दिन पूर्व हुए इस हाई-प्रोफाइल ढाबा संचालक हत्याकांड का आखिरकार क्राइम ब्रांच (LCB) ने बेहद फिल्मी अंदाज में पर्दाफाश कर दिया है।
“महाजन ढाबे ” पर खून से लथपथ मिली थी लाश
घटना की शुरुआत 19 मई की काली रात से होती है। रावणवाड़ी के रहने वाले 45 वर्षीय राजकुमार मदन हरिणखेडे रोज की तरह अपने ‘महाजन ढाबे’ पर सो रहे थे , तभी रात के अंधेरे में किसी अज्ञात हमलावर ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया। अगली सुबह जब लोग ढाबे पर पहुंचे, तो नजारा रूह कंपा देने वाला था ढाबा संचालक राजकुमार का शव खून से लथपथ हालत में पड़ा था , इस खौफनाक मंजर को देखते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में खलबली मच गई मृतक की पत्नी दुर्गा हरिणेखेड़े की शिकायत पर रावणवाड़ी थाना पुलिस ने तत्काल अज्ञात हत्यारे के खिलाफ अपराध क्रमांक 278/2026 की धारा 103(1) के तहत कत्ल का मामला दर्ज किया। मामले की गंभीरता और बढ़ते जनआक्रोश को देखते हुए जांच का जिम्मा तुरंत लोकल क्राइम ब्रांच (LCB) की तेजतर्रार टीम को सौंप दिया गया।
आधी रात का खूनी खेल…LCB के चक्रव्यूह में फंसा हत्यारा
पुलिस निरीक्षक पुरूषोत्तम अहेरकर के नेतृत्व में एलसीबी ने चारों तरफ अपने मुखबिरों का जाल बिछाया। इसी बीच पुलिस को एक बेहद ‘गोपनीय इनपुट’ मिला कि ढाबे पर ही काम करने वाले एक नौकर की हरकतें बेहद संदिग्ध हैं।
बिना वक्त गंवाए, पुलिस टीम ने जाल बिछाकर आरोपी नौकर महेश प्रकाश नेवारे (उम्र 22 वर्ष, निवासी मुरपार) को उसके ही गांव से धर दबोचा।
शुरुआत में तो वह पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन जब पुलिस ने अपने ‘खास अंदाज’ में कड़ाई से पूछताछ की, तो वह टूट गया और उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
आरोपी ने बताया कि वह शराब पीने का घोर आदी है और अक्सर अपने मालिक से पैसे ऐंठता रहता था , 19 मई की रात भी उसने शराब के लिए पैसों की डिमांड की, लेकिन राजकुमार हरिणखेडे ने पैसे देने से साफ इनकार कर दिया।
इसी बात को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस हुई और मालिक ने उसे फटकार लगाते हुए थप्पड़ जड़ दिया।
बस इसी थप्पड़ और अपमान की आग ने उसे हैवान बना दिया, उसने रात के गहराने का इंतजार किया।
जब ढाबा संचालक राजकुमार गहरी नींद में सो गए, तो पहले भारी-भरकम पत्थर से उन पर हमला किया और फिर धारदार हथियार से उसकी गला रेतकर हत्या कर दी।
2 दिन में सुलझी , अंधे कत्ल की गुत्थी
इस बेहद पेचीदा और अंधे कत्ल की गुत्थी को 2 दिनों के भीतर सुलझाने में जांबाज सिंघम टीम को सफलता मिली।
पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे और अपर पुलिस अधीक्षक अभय डोंगरे के सफल मार्गदर्शन में धर पकड़ कार्रवाई को अंजाम एलसीबी निरीक्षक पुरुषोत्तम अहेरकर , महिला पुलिस उपनिरीक्षक वनिता सायकर ,सहायक फौजदार राजेंद्र मिश्रा , पुलिस हवलदार महेश मेहर, सुबोधकुमार बिसेन, संजय चव्हाण, इंद्रजीत बिसेन, रियाज शेख, संतोष केदार, राकेश इंदुरकर, छगन विठ्ठले, स्मिता तोंडरे , राम खंडारे द्वारा दिया गया।
फिलहाल, एलसीबी ने खून से सने इस आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई और रिमांड के लिए रावणवाड़ी पुलिस के हवाले कर दिया है, पुलिस अब हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद करने में जुटी है।
रवि आर्य









