Published On : Fri, Jun 18th, 2021

गोंदिया: पारिवारिक विवाद में हुए मर्डर की गुत्थी सुलझी , 5 गिरफ्तार

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वेल प्लानिंग से किए कत्ल का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुआ

गोंदिया । जिले के सड़क अर्जुनी तहसील के खोड़सिवनी से म्हसवानी जाने वाले मार्ग पर हुए मर्डर केस की गुत्थी पुलिस ने सुलझाते हुए इस वारदात में शामिल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है जिनमें एक नाबालिक है।शुक्रवार 18 जून को आयोजित पत्र परिषद में जानकारी देते हुए अप्पर पुलिस अधीक्षक अशोक बनकर ने बताया- हत्या की वजह फैमिली डिस्प्यूट (पारिवारिक विवाद) था ,जमीन विवाद मसले के ऐंगल को भी लेकर , पुलिस जांच कर रही है।हत्या एक पूर्व नियोजित षडयंत्र के तहत की गई उसी हिसाब से मर्डर की वारदात को आरोपियों ने अंजाम दिया।

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मर्डर का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुआं।
मोस्टली मर्डर में इस्तेमाल हथियार बरामद कर लिए गए हैं , एक हथियार और बरामद होने का है जो आरोपियों ने घने जंगल में फेंक दिया था।
इस हत्याकांड के पीछे एक मास्टरमाइंड भी है जिसका खुलासा जल्द होने की उम्मीद है।

पकड़े गए आरोपियों में 4 का पुलिस ट्रैक रिकॉर्ड ठीक-ठाक है। राहुल बोपचे नामक एक आरोपी पर मोटरसाइकिल चोरी का जुर्म दर्ज है ,अंशुमन नाम का लड़का डांस क्लास चलाता है,बाकी अन्य आरोपी छोटा-मोटा काम करते हैं। बहरहाल कोर्ट ने आरोपियों को 22 जून तक पुलिस हिरासत में भेजने का हुक्म सुनाया है।

आयोजित पत्र परिषद में अपर पुलिस अधीक्षक अशोक बनकर , उपविभागीय पोलीस अधिकारी जालिंदर नालकुल , लोकल क्राइम ब्रांच के निरीक्षक बबन आव्हाड़ तथा डुगीपार थाना प्रभारी सचिन वांगड़े उपस्थित थे।

वह बीमार बेटी के लिए दवा लाने निकला , वापस नहीं लौटा ?
डुग्गीपार थाना अंतर्गत आने वाले म्हसवानी निवासी मृतक खुमराज बलीराम रहांगडाले (55) के बेटी की तबीयत ठीक नहीं थी, लिहाजा वह 13 जून के शाम 5.30 बजे बेटी के लिए दवाई लेने हेतु अपनी मोटर साइकिल क्र. एमएच 35/ ए.आर. 7919 पर सवार होकर खोड़सिवनी गया था।
लेकिन खोडसिवनी से म्हसवानी रोड पर वह बाइक के साथ गिरा पड़ा मिला और उसके सिर पर जबरदस्त मार थी जिससे खून भी निकल रहा था। इस संदर्भ में मृतक के भतीजे ने जानकारी डुग्गीपार पुलिस को दी जिसके आधार पर पुलिस ने मर्ग क्र. 16/2021 के भादंवि 174 का प्रकरण दर्ज करते हुए मामले की जांच शुरू की।

इस दौरान 14 जून को ग्रामीण अस्पताल सड़क अर्जुनी में मृतक के शव का पोस्टमार्टम किया गया तो मृतक के कान और सिर पर किसी धारदार हथियार से वार के जख्म पाए गए।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मृतक के भाई फिर्यादी उदेलाल बलीराम रहांगडाले (52 रा. म्हसवानी) की शिकायत आधार पर अ.क्र. 155/21 के भादंवि 302 के तहत अज्ञात के खिलाफ हत्या का जुर्म पंजीबद्ध करते हुए मामले की जांच का जिम्मा थाना प्रभारी सचिन वांगड़े इन्हें सौंपा गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक विश्‍व पानसरे ने घटनास्थल का दौरा कर अज्ञात आरोपियों की तलाश हेतु जांच अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए और डुग्गीपार व स्थानिक अपराध शाखा की टीम तैयार करते हुए मामले की हर पहलू से जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान खुफिया तंत्रों से पुख्ता जानकारी मिलने पर पुलिस टीम ने गर्रा निवासी आरोपी योगेश फागुलाल बोपचे (27) को डिटेन करते हुए कड़ाई से पूछताछ शुरू की।

आखिरकार आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और अपने मित्रों के साथ मिलकर घटना को अंजाम देने की बात कहीं। आरोपी के बयान आधार पर अन्य आरोपियों की तलाश करते हुए डुग्गीपार पुलिस व स्थानिक अपराध शाखा की टीम ने पमेश पटले (25 रा. मरघट रोड बजाज वार्ड गोंदिया) व एक विधि संघर्ष बालक को हिरासत में लिया। तत्पश्‍चात अंशुमन निमावत (23 रा. बसंतनगर गोंदिया) को जाल बिछाकर भंडारा के बस स्टॉप से तथा गणेश बंडु येटरे (20 रा बसंतनगर गोंदिया) को बसंतनगर इलाके से धरदबोच लिया गया। सभी आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है और एक नाबालिग सहित सभी 5 आरोपियों को डुग्गीपार पुलिस के सुपुर्द किया गया।

विशेष उल्लेखनीय है कि, इस मामले में हत्या का कोई भी सबूत नहीं था फिर भी पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों के दिशा-निर्देश और मार्गदर्शन में मामले की हर पहलू से जांच पड़ताल करते हुए हत्याकांड का पर्दाफाश करने में सफलता हासिल की।

सफलतापूर्वक कार्रवाई को अंजाम जिला पुलिस अधीक्षक विश्‍व पानसरे, अपर पुुलिस अधीक्षक अशोक बनकर, उपविभागीय पुलिस अधिकारी जालीदर नालकुल के मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक सचिन वांगड़े, सपोनि संजय पांढरे, पो.ह. रविशंकर चौधरी, जगदेश्‍वर बिसेन, हरिशचंद्र शेंडे, पो.ना. सुरेश चंद्रिकापुरे, जगदीश मेश्राम, उत्तम दहिवले, झुमन वाढई, सुनिल डहाके, मपोसि रागिनी निखारे, चालक हलामी, वाठोरे सहित स्थानिक अपराध शाखा दल के पुलिस निरीक्षक बबन अव्हाड़, सपोनि शिंदे, सहायक उपनि. कापगते, लिलेंद्रसिंह बैस, पो.ह. राजेंद्र मिश्रा, तुरकर, बिसेन, शेख आदि की ओर से दिया गया।

रवि आर्य

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