
गोंदिया। गोंदिया के ‘केरियर जोन ‘ कोचिंग संस्थान पर ‘कर’ चोरी को लेकर GST विभाग द्वारा 15 जुलाई बुधवार सुबह से छापे मारे गए हैं। जीएसटी विभाग नागपुर के अधिकारियों का दल गोंदिया पहुंचा और उसने सिविल लाइन ( मामा चौक ) से हड्डी टोली जाने वाले मार्ग पर स्थित करियर जोन , कोचिंग संस्थान के दो शाखाओं पर एक साथ छापामार कार्रवाई शुरू की , कार्रवाई के दौरान सेल्फ स्टडी के लिए पहुंचे विद्यार्थियों को भी छुट्टी घोषित कर दी गई ,समाचार लिखे जाने तक यह कार्रवाई जारी है।
कोचिंग संस्थानों पर जीएसटी नियमों के उल्लंघन, मुख्य रूप से कोचिंग फीस पर 18% जीएसटी न चुकाने, इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) में हेराफेरी, और अघोषित नकद आय के मामले में प्राप्त शिकायत के बाद की गई है।
दरअसल, शिक्षा (स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा जो किसी डिग्री के लिए हो ) जीएसटी मुक्त है लेकिन प्राइवेट ट्यूशन (परीक्षा तैयारी करने की सेवाएं ) , व्यावसायिक प्रशिक्षण , प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं , ई-लर्निंग (ऑनलाइन कोर्स और डिजिटल एजुकेशन प्लेटफार्म ) के लिए कोचिंग पर कमर्शियल सेवा के रूप में 18% टैक्स लगाया जाता है । JEE और NEET जैसी व्यावसायिक और प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग 18% जीएसटी के दायरे में आती है।
चोरी का तरीका: फीस वसूली.. टैक्स गायब ?
अक्सर संस्थान छात्रों से फीस में जीएसटी तो वसूलते हैं, लेकिन उसे सरकारी खाते में जमा करने के बजाय छिपा लेते हैं।
इसी कर चोरी के शक में जीएसटी विभाग के साथ-साथ कई बार आयकर (IT) विभाग भी बड़ी कार्रवाई करता है।
कोचिंग सेंटरों पर GST विभाग की छापेमारी आमतौर पर तब होती है, जब छात्रों से 18% GST वसूलने के बावजूद उसे सरकारी खाते में जमा नहीं किया जाता, फीस के फर्जी बिल बनाए जाते हैं, या बिना रजिस्ट्रेशन के अवैध रूप से कक्षाएं चलाई जाती हैं।
बात नियम कायदों की करें तो भारत में किसी भी निजी कोचिंग, ट्यूशन या प्रवेश परीक्षा की तैयारी पर 18% GST अनिवार्य है।
संस्थान अक्सर कोर्स की कुल फीस (ट्यूशन फीस) में ही GST शामिल करके छात्रों से वसूलते हैं।
छापेमारी (Raid) की मुख्य वजह विद्यार्थियों के अभिभावकों से टैक्स का पैसा लेने के बाद उसे सरकार तक न पहुंचाना। अघोषित आय (Unaccounted Income) , कैश के रूप में भारी डोनेशन या फीस लेना और उसका हिसाब (Receipt) सरकारी रिकॉर्ड में न दिखाना , बिना रजिस्ट्रेशन के संचालन: बिना GST नंबर लिए (Unregistered) कोचिंग संस्थान चलाना होता है।
छात्रों को राहत: अतिरिक्त वसूली नहीं
अगर कोचिंग सेंटर ने पहले ही आपसे फीस में 18% GST ले लिया है, तो विभाग द्वारा जुर्माना लगने पर वे आपसे दोबारा टैक्स नहीं मांग सकते। पक्की रसीद (Invoice): छात्रों को हमेशा फीस जमा करने पर वैध बिल/रसीद लेनी चाहिए, जिसमें संस्थान का GSTIN नंबर और ब्रेकअप (फीस + GST) स्पष्ट रूप से लिखा हो।
बात गोंदिया में पड़ी रेड की की जाए तो रिटर्न संबंधित खामियों की जांच की जा रही है , जांच दल ने दस्तावेजों को कब्जे में लेते हुए रिटर्न संबंधित खामियों की जांच शुरू कर दी है और कोचिंग संस्थान को अन्य साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
मौके पर मौजूद सूत्रों ने बताया कि कोचिंग सेंटर में पिछले दो-तीन सालों का रिकॉर्ड खंगाला जाएगा। कितने छात्र-छात्राओं की संख्या रही है और उनका पैकेज क्या था ?
बताया जा रहा है कि करियर जोन यह गोंदिया जिले का सबसे बड़ा कोचिंग संस्थान है जहां लगभग 1000 के आसपास विद्यार्थी इंजीनियरिंग और मेडिकल की कोचिंग ले रहे हैं।
गौरतलब है कि गोंदिया के हर गली मोहल्ले में कोचिंग संस्थान चल रहे हैं विभिन्न- विभिन्न कोर्स यहां पढ़ाए जाते हैं , जहां विद्यार्थी तो पहुंचते हैं लेकिन वहीं कोचिंग संस्थानों के द्वारा जब टैक्स देने की बारी आती है तो सभी टैक्स नहीं भरते , कई ने जीएसटी रजिस्ट्रेशन रद्द करने का आवेदन दिया है लेकिन बावजूद इसके वह कोचिंग संस्थान चल रहे हैं और टैक्स चोरी हो रही है।
रवि आर्य
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