Published On : Thu, Jul 9th, 2026
By Nagpur Today Nagpur News

गोंदिया रियल एस्टेट में ‘ सर्किल रेट ‘ का महाखेल , 15% की रजिस्ट्री , 85% कैश.. IT और ED के रडार पर आए दिग्गज बिल्डर

बेनामी संपत्तियों और काले धन के अवैध साम्राज्य पर जल्द गिरेगा आयकर का हथौड़ा
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गोंदिया। गोंदिया के रियल एस्टेट कारोबार में इस वक्त काले धन (ब्लैक मनी) का एक ऐसा खतरनाक खेल चल रहा है, जिसने सरकार के राजकोष को सीधे तौर पर अरबों रुपये का चूना लगाया है। जमीनों की आसमान छूती कीमतों के बीच, शहर के कई रीयल एस्टेट कारोबारी जमीन की असल कीमत को छुपाकर महज 15% की सर्किल रेट पर रजिस्ट्री करा रहे हैं। बाकी का 85% वित्तीय लेनदेन खुलेआम ‘कैश’ (नकद) में निपटाया जा रहा है।

रजिस्ट्री कार्यालय से मिली बड़ी वैल्यू के ट्रांजैक्शन की गुप्त रिपोर्ट के बाद इनकम टैक्स (आयकर विभाग) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) पूरी तरह हरकत में आ गए हैं।

सूत्रों के मुताबिक, नागपुर में हुई हालिया छापामार कार्रवाई के बाद अब अगला निशाना गोंदिया के दिग्गज रीयल्टर हैं। शहर के कई बड़े कारोबारी अब जांच एजेंसियों के सीधे रडार पर आ चुके हैं और कयास लगाए जा रहे हैं कि किसी भी वक्त यहां छापामार कार्यवाही शुरू हो सकती है।

सर्किल रेट का चश्मा पहनकर “ब्लैक मनी ” खपा रहे बिल्डर

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नियमों के मुताबिक, किसी भी प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री पर न्यूनतम सर्किल रेट के आधार पर स्टांप ड्यूटी चुकाकर रजिस्ट्री की जानकारी सीधे आयकर विभाग को जाती है। गोंदिया के शातिर खेल में कागजों पर तो टैक्स चेक से चुका दिया गया, लेकिन सेलर को दी गई असल मोटी रकम (कैश) को पूरी तरह छुपा लिया गया। टैक्स चोरी और इस नकद लेनदेन को पकड़ने के लिए अब विभाग नोटिस, भारी ब्याज और सीधे 200% तक की पेनल्टी लगाने की तैयारी में है।


जेल और ज़ब्ती:रजिस्ट्री ऑफिस की रिपोर्ट से खुला राज़

देश की अर्थव्यवस्था को खोखला करने वाले इस अघोषित धन पर लगाम लगाने के लिए सरकार बेहद सख्त है। जानकारों के मुताबिक, इस मामले में तीन बड़े कानून एक्टिव हो चुके हैं जिनमें बेनामी लेनदेन निषेध संशोधन अधिनियम (2016) इसके तहत बेनामी नाम से ली गई संपत्ति सीधे जब्त होगी और 7 साल की जेल का प्रावधान है।
काला धन अधिनियम (2015) अघोषित विदेशी या गुप्त घरेलू संपत्ति पर सीधे आपराधिक केस दर्ज होगा तथा मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA 2002): वित्तीय धोखाधड़ी और कैश रोटेशन पर ED सीधे कुर्की की कार्रवाई कर सकती है।
बहरहाल अगर आप भी टैक्स विभाग को बताए बिना या बेनामी नाम से प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं, तो सावधान हो जाएं। गोंदिया के रियल एस्टेट में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने के लिए अब ‘सफाई अभियान’ शुरू होने जा रहा है।

रवि आर्य

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