Published On : Fri, Jun 14th, 2019

गोंदियाः ई-टिकटों का दलाल हत्थे चढ़ा

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रेलवे पुलिस की स्पेशल ड्राइव ऑपरेशन थंडर मुहिम रंग लाई

गोंदिया: ई-टिकिटों का अवैध व्यापार करने वाले दलालों के विरूद्ध रेलवे पुलिस द्वारा स्पेशल ड्राइव ऑपरेशन थंडर शुरू किया गया है। इसी कड़ी में मंडल सुरक्षा आयुक्त आशुतोष पाण्डेय व सहा. सुरक्षा आयुक्त ए.के. स्वामी के मार्गदर्शन में आरपीएफ टीम ने ई-टिकट के काले कारोबार में लिप्त दलालों के विरूद्ध नकेल कसनी शुरू कर दी है।

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13 जून को स्पेशल ड्राईव के तहत पुलिस टीम साकोली स्थित नक्षत्र ऑनलाइन सर्विसेस नामक कम्प्यूटर सेंटर पहुंची तथा फर्जी ग्राहक बनकर रेल्वे ई-टिकट बुकिंग के विषय में दुकान मालिक नरेंद्र वाड़ीभस्मे (41) से बातचीत की तथा पुख्ता शक हो जाने के बाद जब दुकान में रखे गए कम्प्यूटर मॉनिटर, सीपीयू की जांच की गई तो उसमें 20 फर्जी आईडी के जरिए बनाए गए 81 नग ई-टिकट (मुल्य 1 लाख 71 हजार 624 रू) बरामद हुए।
साथ ही कम्प्यूटर, सीपीयू, प्र्रिंटर, बीएसएनएल का ब्र्राडबेन्ड कनेक्शन, हॉनर कम्पनी का एक र्स्माट फोन इस तरह 2 लाख 18 हजार 644 रू. का साहित्य बरामद करते हुए मौके पर जब्ती पंचनामा कार्रवाई पूर्ण कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया।

विशेष उल्लेखनीय है कि, रेल्वे पुलिस टीम को लगातार 3-4 घंटों की मश्कत के बाद 20 फर्जी आईडी को डिकोट करने में कामियाबी हासिल हुई।
बहरहाल आरोपी को गोंदिया रेसुब पोस्ट लाकर उसके विरूद्ध अ.क्र. 1459/19 के धारा 143 (1), (ए), रेल अधिनियम का जुर्म पंजीबद्ध किया गया है।

भीतर कुछ-बाहर कुछः मुनाफे के लिए करता था काम
20 फर्जी ई-मेल आईडी के जरिए 81 नग ई-टिकटों की बरामदगी के बाद जब आरोपी दुकान मालिक नरेंद्र से पूछताछ की गई तो उसने बताया, मुनाफे के लिए वह ई-टिकिट बनाना स्वीकार करता था।

नक्षत्र ऑनलाईन सर्विसेस नामक दुकान एलआईसी एजेंटगिरी के आड़ में चल रही थी तथा इस दुकान के फलक (बोर्ड) पर यहां पेन कार्ड बनाए जाते है? यहां हवाई टिकट बनाए जाते है? जैसे शब्दों का उल्लेख था।

असल में आरोपी आयआरसीटीसी का अधिकृत एजेंट है जिसका रजिस्टर्ड आईडी ळलळीूंश्रि07355 भी है परंतु इन सब की आड़ लेकर अधिक मुनाफा कमाने की लालच में वह फर्जी आईडी shilpabok, shilpab1, santukowe, papputata0, khushpappu, drnilu222, drnilu333, drnilu444, artibhure1, YOGANTYOGG, YOG1, ommirocks आदि के जरिए ग्राहकों से तय रेल्वे टिकट किराए के अतिरिक्त 100-200 रूपये प्रति टिकट बतौर कमीशन लेकर ई-टिकटों की अवैध कालाबाजारी का काम किया करता था। उसके स्वीकरोक्ति पश्‍चात मामला रेल्वे टिकट के अवैध व्यापार तथा रेल्वे अधिनियम की धारा 143 का होना पाकर उसपर अपराध पंजीबद्ध किया गया। मामले के आगे की जांच जारी है।

बगल में बच्चा-गांव में ढिंढोरा
फर्जी आईडी बनाकर ई-टिकट तथा तत्काल टिकटों का फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ रेल्वे पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई शुरू की है, जो एक सराहनीय पहल है किन्तु यह भी उतना ही सच है कि गोंदिया रेल्वे स्टेशन के आरपीएफ थाने से चंद कदम की दूरी पर रेल्वे मालधक्के के निकट चौराहे पर स्थित एक कॉम्पलेक्स में टूर ट्रैव्हर्लस के नाम पर ई-टिकटों का अवैध कारोबार बेधड़क और बेखौफ वर्षो से चल रहा है। .

ई-टिकटों को फर्जी आईडी के जरिए दीमक की तरह चट कर जाने वाले एैसे दलाल रूपी तत्वों के खिलाफ गोंदिया आरपीएफ पुलिस कार्रवाई कब करेगी? यह बात भी अब गोंदिया में जनचर्चा का विषय बन चुकी है। क्योंकि गंदगी हटाने की शुरूवात व्यक्ति को अपने आंगन से शुरू करनी चाहिए अन्यथा बगल में बच्चा और गांव में ढिंढोरा जैसी कहावत चरितार्थ होने लगती है।

रवि आर्य

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