
गोंदिया। महाराष्ट्र के गोंदिया स्थित बिरसी एयरपोर्ट से हवाई सफर का सपना देख रहे आम नागरिकों को तगड़ा झटका लगा है। कभी उड़ानों की गूंज से चहकने वाला यह एयरपोर्ट अब एक आलीशान ‘शोपीस’ बनकर रह गया है। यात्रियों की कमी, महंगे ईंधन और घाटे का हवाला देकर ‘ स्टार एयरलाइंस ‘ और ‘ इंडिगो ‘ जैसी बड़ी कंपनियों ने गोंदिया से नाता तोड़ लिया है। आलम यह है कि अब यहां आम जनता के लिए कोई फ्लाइट उपलब्ध नहीं है और यह रनवे अब सिर्फ रसूखदारों और VVIP मूवमेंट के लिए ही आरक्षित नजर आ रहा है
इंडिगो ने समेटा बोरियां-बिस्तर , स्टार एयरलाइंस का जुलाई तक कोई चांस नहीं
इंडिगो की गोंदिया-हैदराबाद-तिरुपति फ्लाइट, जिसने श्रद्धालुओं, व्यापारियों और उद्योग जगत में उम्मीद जगाई थी, 1 मई 2026 से पूरी तरह बंद हो गई है। एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारी श्री प्रजापति ने पुष्टि की है कि रिस्पॉन्स न मिलने के कारण इंडिगो ने न केवल सेवा रोकी, बल्कि अपना पूरा सेटअप और स्टाफ गुजरात के जामनगर शिफ्ट कर दिया है।
वैसे ही स्टार एयरलाइंस, जिसने इंदौर-मुंबई और बेंगलुरु को गोंदिया से जोड़ा था, उसने भी 26 अप्रैल 2026 से अपनी सेवाएं बंद कर दी हैं। बताया जा रहा है कि छुट्टियों के सीजन में कंपनियां उन रूट्स पर भाग रहीं हैं जहां मुनाफा ज्यादा है। जानकारों की मानें तो जुलाई 2026 तक स्टार एयरलाइंस की वापसी की संभावना ‘ना के बराबर’ है।
फ्लाई बिग से इंडिगो तक: नाकामियों की हैट्रिक
गोंदिया के हवाई सफर का इतिहास वादों और दावों की बलि चढ़ता दिख रहा है ,
13 मार्च 2022 को केंद्र सरकार की ‘उड़ान’ योजना के तहत ‘फ्लाई बिग ‘ 13 मार्च 2022 से शुरू हुई, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इंदौर से इसका उद्घाटन किया था तथा बिरसी एयरपोर्ट पर तब के सांसद सुनील मेंढें नें इसे हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
21 अगस्त 2023 को तकनीकी नाइट लैंडिंग खामियों और विजिबिलिटी का बहाना बनाकर ‘फ्लाई बिग’ ने हाथ खींच लिए।
2026 में बिरसी एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग और आधुनिक उपकरणों को सुविधा मौजूद होने के बावजूद स्टार एयरलाइंस और इंडिगो ने भी विदा ले ली।बिरसी एयरपोर्ट अथॉरिटी के चीफ श्री प्रजापति ने बताया-मौजूदा वक्त में बिरसी एयरपोर्ट पर 24 घंटे नाइट लैंडिंग और टेकऑफ की सुविधा है , उपकरण तैयार है लेकिन यात्रियों का रिस्पांस ना मिलने से और बुकिंग केवल 35 से 40% होने के कारण कंपनियां घाटे में थी इसलिए सेवाएं बंद हुई है।
नेताओं की ‘खामोशी’ और जनता की ‘ बेबसी ‘
जब उड़ाने शुरू हुई थी तब श्रेय लेने की होड़ मची थी , नेताओं ने मुंबई- पुणे और दिल्ली तक की सीधी उड़ानों के सब्जबाग दिखाए थे लेकिन आज जब रनवे सूना पड़ा है , तो श्रेय लूटने वाले तमाम ढपोरशंखी नेताओं की जुबान पर ताला लग गया है।
अगर आज किसी मुसाफिर को इमरजेंसी में गोंदिया से उड़ान भरनी हो तो उसे चार्टर्ड विमान या चॉपर हेलीकॉप्टर का सहारा लेना पड़ेगा।
नागपुर से व्यवस्था न होने पर मुंबई से 6 से 8 सीटर चार्टर्ड विमान बुलाने का खर्च 10 से 12 रुपए तक आएगा यानी बिरसी एयरपोर्ट अब केवल करोड़पतियों का अड्डा बनकर रह गया है। बड़े शहरों ( दिल्ली, मुंबई ,पुणे ) के लिए उड़ानें , अब सिर्फ झूठे दावे और वादों तक सिमटी है।
रवि आर्य









