Published On : Wed, Jun 17th, 2026
By Nagpur Today Nagpur News

गोंदिया-भंडारा MLC महामुकाबला: खेला होबे !एडवांस और कोड वर्ड के खेल से उड़े होश!

वोटर 457, 'महायुति' का टारगेट 300 पार , क्या निर्दलीय उम्मीदवार के भरोसे 'करिश्मा' कर पाएंगे नाना पटोले ?
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गोंदिया-भंडारा विधान परिषद (MLC) सीट पर कल यानी गुरुवार, 18 जून को बैलेट पेपर पर गुप्त मतदान प्रक्रिया से महामुकाबला संपन्न होने जा रहा है। महाविकास आघाड़ी गठबंधन के तहत यह हाई-प्रोफाइल सीट कांग्रेस के खाते में गई थी, लेकिन ऐन वक्त पर कांग्रेस के दोनों कद्दावर कैंडिडेट (प्रफुल्ल गोपालदास अग्रवाल तथा पूर्व विधायक दिलीप बंसोड़) के मैदान से हटने के बाद अब यह चुनाव पहली नजर में बेहद ‘नीरस’ मोड में जा चुका है।

लेकिन पर्दे के पीछे की कहानी कुछ और ही बयां कर रही है! भले ही कांग्रेस रेस से बाहर दिखे, लेकिन शह-मात का खेल अब चरम पर पहुंच गया है। इस सीट पर कुल वोटर्स की संख्या 457 है। आंकड़ों के इस गणित में राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजीत गुट) के 102, शिवसेना (शिंदे) के 19, बीजेपी के 206, कांग्रेस के 120, शिवसेना (ऊबाठा) के 04, बसपा के 03 व अन्य में निर्दलीयों का समावेश है।

Gold Rate
Sept 17,2026 - Time 10.30Hrs
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मैदान में 300 प्लस वोट के साथ प्रचंड जीत दर्ज करने का लक्ष्य लेकर महायुति का भाजपा उम्मीदवार पूरी ताकत से डटा है। बता दें कि इस हॉट सीट पर बीजेपी-महायुति उम्मीदवार अविनाश ब्राह्मणकर का सीधा मुकाबला निर्दलीय नरेश मानिक ईश्वरकर तथा निर्दलीय उम्मीदवार सचिन यशवंत कुंभलकर के बीच हो रहा है।

क्रॉस वोटिंग, दल बदल और हॉर्स ट्रेडिंग का डर

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गोंदिया-भंडारा विधान परिषद सीट को लेकर भले ही महायुति-भाजपा उम्मीदवार पर्याप्त बहुमत के साथ बेहद मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहे हैं, लेकिन राजनीति में ‘रिस्क’ कौन लेता है? बड़ी लीड से ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के लिए नागपुर में रिजॉर्ट व होटल पॉलिटिक्स का हाई-वोल्टेज ड्रामा फिर शुरू हो चुका है।
नागपुर में वोटों की ‘ किलाबंदी’ की गई है और राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजीत गुट) के जिला परिषद मेंसदस्य, नगर परिषद पार्षद और नगर पंचायत के नगर सेवक मिलाकर कुल 102 वोटर्स के ठहरने और शाही खातिरदारी की व्यवस्था सोमवार से ही ‘रानी कोठी’ (जामठा-नागपुर) में की गई है। वहीं दूसरी तरफ, भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) के नगरसेवकों को पल-पल की निगरानी के बीच ‘चोकरधानी पैलेस’ में ठहराया गया है। इन दोनों दिग्गजों जगहों के ‘हाउसफुल’ हो जाने के बाद, बचे हुए 50 वोटर्स की व्यवस्था नागपुर सिटी के भीतर एक अन्य आलीशान पैलेस में की गई है ताकि परिंदा भी पर न मार सके यहीं कुछ कांग्रेसी नगरसेवक भी ठहरे हुए हैं।

कांग्रेस में बड़ी सेंधमारी! 18 से 19 नगरसेवक भाजपा नेताओं के सीधे संपर्क में?

इस चुनाव का सबसे बड़ा ट्विस्ट रविवार को तब आया जब भाजपा नेताओं का गोंदिया आगमन हुआ। सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान गोंदिया नगर परिषद और नगर पंचायत के कुछ कांग्रेसी पार्षदों ने बीजेपी नेताओं के साथ एक ‘महा-गुप्त’ बैठक की।
अंदर खाने की छन-छन कर आ रही खबरों के मुताबिक इस बैठक के बाद कांग्रेसी पार्षदों को साफ कहा गया “आप हमारे साथ अभी नागपुर चलोगे तो हम आपको कुछ एडवांस मलाई देंगे, और ग्रुप के साथ सही जगह वोट डालने पर बाकी का पूरा नियोजन कर दिया जाएगा।
दावा किया जा रहा है कि लगभग 18 से 19 कांग्रेसी पार्षद पूरी तरह बीजेपी के खेमे में आ चुके हैं तथा अन्य नगरसेवक भी भाजपा नेताओं से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें एक शिवसेना (ऊबाठा) का पार्षद भी बताया जा रहा है।

गुप्त मतदान: क्रॉस वोटिंग के लिए वोटिंग का ‘सीक्रेट कोड’

चूंकि चुनाव बैलेट पेपर पर होना है, इसलिए ‘गुप्त मतदान का खौफ’ उम्मीदवारों के दिलों में साफ देखा जा सकता है। बावजूद इसके, दल बदल और क्रॉस वोटिंग से वोटों के बिखराव का सारा ताना-बाना बैकस्टेज बुन लिया गया है।
वोटिंग का ‘सीक्रेट कोड’: अंदरूनी सूत्रों के हवाले से खबर है कि इस गुप्त मतदान में अपनी वफादारी साबित करने के लिए वोटर्स को ‘डर्टी कोड’ थमाए जा रहे हैं। किसी को बैलेट पेपर पर ‘बिंदु’ (Dot) लगाने को कहा गया है, तो किसी को ‘स्टार’ (*) लगाने का फरमान मिला है। कुछ खास वोटर्स को तो आखिरी वक्त में ‘स्पेशल कोड’ देने की बात की गई है।
चूंकि मतदान केंद्र के भीतर मोबाइल फोन ले जाने पर सख्त पाबंदी है, इसलिए वोटर को होटल में ही पूरी तरह ट्रेनिंग देकर तैयार किया जा रहा है।

नाना पटोले की प्रतिष्ठा दांव पर

अब देखना बेहद दिलचस्प होगा कि चुनाव के इस आखिरी मोड़ पर अपने कांग्रेसी पार्षदों को लामबंद करने और बगावत रोकने में पुर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले को कितनी सफलता मिलती है। बताते चलें कि कांग्रेस के पार्षदों को भी नागपुर में होटल पॉलिटिक्स के तहत ही ठहराया गया है, जबकि मजेदार बात यह है कि कांग्रेस की ओर से मैदान में कोई भी आधिकारिक उम्मीदवार नहीं है! कांग्रेस इस समय पूरी तरह निर्दलीय उम्मीदवार नरेश मानिक ईश्वरकर के भरोसे बैठी है कि वो आखिरी वक्त में कोई ‘जादुई करामत’ कर दिखाएंगे। कल शाम तक साफ हो जाएगा कि ऊंट किस करवट बैठता है।

रवि आर्य

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