Published On : Wed, Feb 19th, 2020

गोंदिया अवैध हथियारों की बिक्री का गढ़ बना

५० हजार में पिस्टल, २५ हजार में देशी तमंचा बिक रहा !

गोंदिया: दूध व्यवसायी सुरेश यादव हत्याकांड में लिप्त आरोपियों की संख्या ७ तक पहुंच चुकी है, इनसे जैसे-जैसे पूछताछ आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नित रोज नए खुलासे हो रहे है। हत्या की वजह आपसी पुरानी रंजिश और २ गुटों के बीच छिड़े गैंगवार का नतीजा , माना जा रहा है।
इस एपिसोड में हथियारों के सौदागर की देर रात हुई गिरफ्तारी के बाद अब मामले में एक नया मोड़ आ गया है।

पुलिस ने इस प्रकरण में पहले राजा की गिरफ्तारी की, फिर बालाघाट. लांजी, किरनापूर जैसे इलाकों में दबिश देकर दुर्गेश उर्फ डैनी को पिस्टल के साथ पकड़ा। इसकी निशानदेही पर नरेश और फिर धीरज उर्फ भोला हत्थे चढ़े, तत्पश्‍चात आमगांव से मोहित को पुलिस ने उठाया और रावणवाड़ी क्षेत्र में दबिश देकर अजय को गिरफ्तार किया गया। अब मंगलवार १८ फरवरी के देर रात इस गोलीकांड प्रकरण के सिलसिले में हथियार की डील करने वाले आशिष नामक युवक की तुमसर से की गई धरपकड़ की खबर आ रही हैै। इस तरह अब तक ७ आरोपी, पुलिस के हत्थे चढ़ चुके है, जबकि नारायण नामक आरोपी युवक इस केस में अब तक फरार है।

भागने में इस्तेमाल गाड़ी नहीं हुई है बरामद
ताजा हिरासत में लिए गए आरोपी अजय और मोहित को पुलिस १८ फरवरी के शाम अदालत लेकर पहुंची और मुख्य जिला न्यायाधीश के सामने दलील रखते पुलिस ने कहा- अभी तक इस वारदात में भागने हेतु इस्तेमाल की गई गाड़ी बरामद नहीं की गई है तथा इस केस में १-२ आरोपी अब भी फरार है, लिहाजा उक्त दोनों से पूछताछ हेतु २४ फरवरी तक पुलिस कस्टडी दी जाए।

बचाव पक्ष की ओर से एड. आदित्य महादूले ने दलील रखी। दोनों पक्षों की जिरह सूनने के बाद कोर्ट ने अजय और मोहित को २० फरवरी तक पुलिस कस्टडी के आदेश दिए है। इसी सिलसिले में देर रात पुलिस टीम तुमसर पहुंची और अब हथियारों का सौदागर पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है।

डेयरी फार्महाऊस में हुए थे ३ फायर

विश्‍वसनीय सूत्रों की मानें तो, १४ फरवरी के शाम पिंडकेपार इलाके के फार्म हाऊस में हुए गोलीकांड में आरोपियों की ओर से पिस्टल से ३ फायर किए गए थे। घटनास्थल से एक खाली खोखा (कारतूस) पुलिस को मिला। २ गोलियां शरीर में धंसी बतायी जाती है। इस्तेमाल हथियार पुलिस ने दुर्गेश उर्फ डैनी के पास से बरामद किया।

कड़ी पूछताछ के बाद आशिष नामक हथियार के सौदागर की गिरफ्तारी की गई, सूत्रों की मानें तो इसपर २ से ३ मर्डर के केस दर्ज है।

पकड़े गए आरोपी के गोंदिया में कई लोगों से संबंध बताये जाते है। ५० से ६० हजार रूपये में चाइनिज पिस्टल तथा २५ से ३० हजार रूपये में अच्छी क्वालिटी के देशी तमंचे का सौदा तय कर उसकी आपूर्ति की जाती है।

कमोवेश इसी का नतीजा है कि, गोंदिया में अब जंगलराज जैसे हालात बनते जा रहे है तथा यहां के हर गल्ली-मौहल्लों में अपराधिक पृष्ठभूमि से जुड़े असामाजिक तत्वों के पास अवैध हथियारों का भंडार लगा हुआ है।

देखना दिलचस्प होगा , अवैध हथियारों की बिक्री का गढ़ बन चुके गोंदिया से पुलिस कितने हथियार बरामद करने में कामियाब होती है?

रवि आर्य