Published On : Mon, Feb 1st, 2021

गोंदिया: 3 महिला चोरनियों से 25 मोबाइल बरामद

गोंदिया जिला पुलिस अधीक्षक विश्व पानसरे के मार्गदर्शन में शहर पुलिस थाने के डीबी स्कॉट ने छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ निवासी परप्रांतीय 3 महिला चोरनियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 25 महंगे मोबाइल हैंडसेट बरामद किए हैं, जब्त किए गए सभी मोबाइल इन महिला चोरों ने 2 दिनों के भीतर 28 और 29 जनवरी को शहर के अलग-अलग इलाकों से रैकी कर उड़ाए थे।
आयोजित पत्र परिषद में पुलिस ने जानकारी देते बताया दरअसल यह ३ महिला चोर डोंगरगढ़ छत्तीसगढ़ की प्रॉपर रहने वाली है तथा गोंदिया दो-तीन दिनों के लिए आती है वह रेलवे स्टेशन के पास तंबू डालकर अपना डेरा जमाती है और गोद में 1 वर्ष से कम उम्र के दूधमुंहे बच्चे लेकर शहर में भिक्षा मांगने के इरादे से घूमने लगती है।

घरों की रेकी करने के बाद जिस घर में पुरुष सदस्य दिखाई नहीं देते वहां यह भिक्षा के तौर पर खाना- नाश्ता, पानी मांगने पहुंच जाती है जैसे ही कोई दयालु किस्म की ग्रहणी घर के रसोई की ओर जाती है इसी दौरान मकान के कमरे -हॉल में चार्जिंग पर लगा अथवा टेबल पर रखा मोबाइल धीरे से उठाकर ये चुपके से रफूचक्कर हो जाती है।

थैले से मिले दो मोबाइल ,जुर्म से पर्दा हटा

29 जनवरी सुबह 8:30 बजे मामा चौक सिविल लाइन निवासी फरियादी मोहसिन शफी शेख के घर से इन्होंने सैमसंग कंपनी और विवो कंपनी के दो महंगे मोबाइल हैंडसेट उड़ाए।


सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर इनका हुलिया सामने आया जिसके बाद शहर पुलिस को जानकारी दी गई।

पुलिस ने फरियादी द्वारा बताए गए हुलिए के आधार पर बस स्टॉप , रेलवे स्टेशन , जय स्तंभ पिकअप स्टैंड पर इनकी खोज शुरू की तो उनके थैले में से 2 मोबाइल बरामद हुए लिहाज़ा इस महिला चोर गिरोह को शहर थाने लाया गया तहकीकात शुरू हुई इसी बीच मोबाइल चोरी की तीन से चार रिपोर्ट और दाखिल हो गई तो पुलिस को शक हुआ उन्होंने और भी मोबाइल उड़ाए होंगे। पहले एक गुनाह में उन्हें गिरफ्तार किया गया , कोर्ट से पुलिस हिरासत की अवधि खत्म होने के बाद अब इनकी गिरफ्तारी दूसरे मोबाइल चोरी प्रकरण में मामले में की गई है।

इन्वेस्टिगेशन दौरान जब पुलिस टीम कुड़वा लाइन के रेलवे स्टेशन के छोटे पुल के निकट रेलवे क्वार्टर के नजदीक खुले मैदानी इलाके में बने तंबू तक पहुंची तथा इनके झोपड़ीनुमा अस्थाई घरों की तलाशी ली गई तो कुछ भी नहीं मिला।
इसी बीच आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि इस गिरोह के सदस्य तंबू के आसपास जगह-जगह गड्ढे करते हैं।
जब एक गड्ढे को खोदा गया तो उसमें से दो मोबाइल निकले।

फिर क्या था तंबू के आसपास लगे दर्जनों गड्ढों की पुलिस टीम ने तलाश शुरू की तो जमीन मोबाइल उगलने लगी।
देखते ही देखते ही देखते 23 मोबाइल पुलिस के हाथ लग गए , इस तरह से चोर गिरोह से 2 दिनों के भीतर उड़ाए गए 25 मोबाइल पुलिस ने बरामद किए हैं जिनकी कीमत 2 लाख 32 हजार रुपए आंकी गई है।

महाराष्ट्र का मोबाइल छत्तीसगढ़ में बेच देती थी
शहर थाना प्रभारी महेश बनसोडे ने जानकारी देते बताया डीबी विभाग के अधिकारी सहायक पुलिस निरीक्षक विजय राणे और उनकी टीम ने तहकीकात कर इस बात का खुलासा किया है कि चुराए गए मोबाइल इकट्ठा करके रेलवे स्टेशन के बाजू में तंबू के निकट प्लास्टिक का कवर चढ़ा कर जमीन में दफन कर दिए जाते थे और जब उनको बिक्री करना होता था तो यह मोबाइल का जखीरा निकालकर उसे छत्तीसगढ़ प्रदेश के अन्य शहरों में बेच देती थी। चुराए गए माल की बिक्री कहां और किस व्यक्ति को की जाती थी ? इसकी तहकीकात जारी है।

उक्त प्रकरण को सुलझाने में पुलिस नायक योगेश बिसेन , ओमेश्वर मेश्राम , सतीश शेंडे , प्रमोद चौहान , विकास वेदक , विजय मानकर , वाहन चालक पुलिसकर्मी बाटबर्वे , तोंडरे आदि ने सहकार्य किया।

-रवि आर्य