Published On : Mon, Feb 1st, 2021

गोंदिया:बकरी चोरों के अंतर्राराजीय गिरोह का भंडाफोड़

बकरी चिल्लाए नहीं इसके लिए उसके कंठ को दबा देते थे

गोंदिया जिले के पशु मालिकों की रात के वक्त कई बकरियां चोरी हो रही थी इसके तहकीकात की जिम्मेदारी लोकल क्राइम ब्रांच टीम को सौंपी गई थी।

इस शातिर बकरी चोर गिरोह के सदस्य छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई से फोर व्हीलर पर आते थे और एक- एक बकरी चोरी नहीं करते थे जहां रास्ते के नजदीक 8 – 10 बकरियों का झुंड खूंटे से बंधा दिखता था उसे उठाकर फोर व्हीलर गाड़ी में डाल देते थे और बकरी चिल्लाए नहीं इसके लिए उसके गले के कंठ को खींच कर दबा देते थे ,


दरअसल यह बकरी चोरों का गिरोह मटन बेचने का धंधा करता है तथा किसानों के चुराए गए पशु धन को हलाल कर उसके मांस की बिक्री करते हुए मुनाफा कमा रहे थे और पशुधन के कट जाने के बाद सारे सबूत नष्ट हो जाते थे।

जिला पुलिस अधीक्षक विश्व पानसरे ने आयोजित पत्र परिषद में जानकारी देते बताया- जिन किसानों की बकरियां चुराई गई क्योंकि वह अपने मवेशी डेली जंगल में चराने जाते थे और अपनी बकरी को पहचानते थे ऐसे 8 बकरी पहचानने पर एक फरियादी को उनके पशुधन उनके सुपुर्द किए गए हैं बाकी 40 बकरियों को अभी अर्जुनी मोरगांव के कांजी हाउस में चारा- पानी की व्यवस्था के साथ रखा गया है।

इस गिरोह के कुछ सदस्य अभी फरार हैं तथा हिरासत में लिए गए आरोपियों ने 8 गुनाह कबूल किए हैं वारदात में इस्तेमाल होने वाले 2 चार चक्का वाहन भी पुलिस ने बरामद कर लिए हैं तथा आगे की तहकीकात जारी है।
मामला कुछ यूं है कि..

13 व 14 जनवरी के रात्रि दरमियान अर्जुनी मोरगांव तहसील के ग्राम निमगांव निवासी फिर्यादी मनोहर गोविंदा ठाकरे के घर के बाहर तबेले में बंधे जमनापरी, बिठल जाति के बकरे- बकरियां तथा खांबी निवासी देवेंद्र रूखमोड़े के घर की छपरी में बंधे बकरे-बकरियां अज्ञात आरोपियों ने चुरा लिए थे, जिसकी रिपोर्ट 16 जनवरी को दर्ज करायी गई थी। लगातार घटित हो रहे पशु चोरी के मामलों को गंभीरता से लेते हुए जिला पुलिस अधीक्षक विश्‍व पानसरे ने जांच का जिम्मा स्थानिक अपराध दल के निरीक्षक बबन आव्हाड़ को सौंपा।

मामले की जांच के दौरान खुफिया तंत्र से परप्रांतिय गिरोह के संदर्भ में पुख्ता सुराग पुलिस टीम के हाथ लगे जिसके बाद आरोपियों की तलाश में एक टीम छत्तीसगढ़ राज्य के दुर्ग जिले के ग्राम खुर्शिपार पहुंची जहां से आरोपी साहिल हुसेन (21), मिथूनकुमार सिंग (26), सोनू उर्फ राकेश सरदार (21), इन्हें हिरासत में लिया गया।

उक्त आरोपियों ने कड़ी पूछताछ में मुख्य आरोपी गोलू उर्फ आमिर हुसेन (35) तथा सलमान खुरेशी के शामिल होने की जानकारी देते उन्होंने आमगांव-1, देवरी-2, सालेकसा -1, डुग्गीपार- 1 तथा अर्जुनी मोरगांव थाना क्षेत्र के 2 स्थानों ऐसे कुल जिले में 8 स्थानों पर पशु चोरी की वारदातों को अंजाम देने की बात कबूली की और चुराए गए पशुओं को गोलु हुसेन के किराए के कमरे में रखे जाने की जानकारी दी जिसके बाद पुलिस टीम ने उक्त मकान से दबिश देते 40 बकरे-बकरियां (कीमत 2 लाख 90 हजार) जब्त किए तथा चोरी में इस्तेमाल किए गए चार चक्का सुजुकी वाहन क्र सी.जी. 07/बी.झेड 5242 (कीमत 7 लाख) को भी बरामद किया। बहरहाल पकड़े गए तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें 1 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है , फरार 2 आरोपियों की तलाश जारी है।

रावणवाड़ी थाना क्षेत्र से चोरी गई 30 बकरियों की गुत्थी सुलझी
एक अन्य पशु चोरी के मामले का भी पर्दाफाश करते हुए 3 बकरी चोरों को गिरफ्तार किया गया है।
घटना 14 सितंबर 2020 के रात्रि दरमियान रावणवाड़ी थाना अंतर्गत ग्राम बनाथर स्थित खेत परिसर के फार्म हाऊस में घटित हुई थी।
इस संदर्भ में फिर्यादी मिलिंद भारत नागदेवे की शिकायत पर रावणवाड़ी पुलिस ने 1 लाख 20 हजार मूल्य की 30 बकरियां चोरी की रिपोर्ट धारा 380, 34 के तहत अज्ञातों के खिलाफ दर्ज करते जांच पड़ताल शुरू की, आखिरकार खुफिया तंत्र के माध्यम से रावणवाड़ी पुलिस को पुख्ता जानकारी हाथ लगी जिसके बाद 3 आरोपियों को पुलिस ने धर लिया। पकड़े गए छोटा गोंदिया निवासी आरोपी- अमोल कोल्हटकर (29), स्वामी बाहे (32) तथा दुर्गेश उर्फ बालु दाते (30) ने अपना जुर्म कबूल करते हुए चुरायी गई सभी बकरियों को बेच देने की बात कही लिहाजा उनके पास से बेची गई बकरियों की कुल राशि में से मात्र 10 हजार रू तथा बकरियां चुराने के लिए इस्तेमाल किया गया चार चक्का वाहन (कीमत 2 लाख 50 हजार) जब्त कर लिया गया है। आरोपियों को पुलिस ने न्यायालय में पेश किया जहां से कोर्ट ने उन्हें 2 फरवरी तक पुलिस रिमांड में भेज दिया।

इस धरपकड़ कार्रवाई को अंजाम जिला पुलिस अधीक्षक विश्‍व पानसरे, अपर अधीक्षक अतुल कुलकर्णी, उपविभागीय पुलिस अधिकारी जालिंदर नालकुल के मार्गदर्शन में एलसीबी पुलिस निरीक्षक बबन अव्हाड, उपनि. अभयसिंह शिंदे, तेजेंद्र मेश्राम, सहाउपनि. गोपाल कापगते, लिलेंद्र बैस, अर्जुन कावडे, पो.ना, तुलसीदास लुटे, रेखलाल गौतम, अजय रहांगडाले, इंद्रजीत बिसेन, दिक्षीत दमाहे, धनजंय शेंडे तथा रावणवाड़ी थाने के पोनि उमेश पाटिल, महेश कोरे, पो.ना. चव्हान, पोसि रूखमोड़े, बिसेन की ओर से दिया गया।

-रवि आर्य