Published On : Mon, Feb 22nd, 2021

धर्म की रक्षणार्थ भगवान लेते हैं जन्मः योगेश कृष्ण महाराज

नागपुर: निरंजन नगर नागरिक उत्सव मंडल की ओर से श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ जारी है. कथा आनंदवर्धन हनुमान मंदिर, बेलतरोडी में हो रही है. कथा वाचक योगेश कृष्ण महाराज भक्तों को कथा का वर्णन सुना रहे हैं. आज कथा के चैथे दिवस श्री राम व कृष्ण जन्मोत्सव का वर्णन किया गया.

कथा व्यास ने कहा कि संत पुरूषों के उपर अनुग्रह, धर्म की स्थापना व अधर्म का विनाश करने के लिए समय- समय पर इस धरा पर परमात्मा का अवतार होता है. द्वापर युग के अंत में मथुरा नरेश कंस, हस्तिनापुर के युवराज दुर्योधन, मगध नरेश जरासंघ, भौमासुर आदि पापाचारी, दुराचारी राजाओं के अत्याचार से पृथ्वी आतंकित हो गई. उसी समय इन दुष्टों के अंत के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने अवतार लिया. प्रभु ने सभी अत्याचारियों का विनाश करके इस धरा धाम में धर्म की स्थापना तथा अपने भक्तों को आनंद प्रदान किया.

महाराज ने आगे कहा कि श्री कृष्ण के जीवन का उद्देश्य जीव को कर्म कैसे करना चाहिए यह सिखाना था. श्री कृष्ण ने कहा था कि यह जीवन भी एक युद्ध ही है.जहां रोज जीव को लड़ना भी है और उसे जीतना भी है. मनुष्य जीवन का मुख्य उद्देश्य भक्ति करना है. सभी जीव वस्तुतः आत्मा है. जो भगवान की तटस्थ शक्ति का अंश है. जिस प्रकार शरीर पंच तत्वों से मिलकर बना है उसी प्रकार आत्मा प्रभु श्री कृष्ण का अंश है. इसकी खुराक भी भगवान का भजन करने से ही आती है.

आज व्यासपीठ का पूजन राशिशरण मिश्रा, सूर्यकली मिश्रा, वृंदावन द्विवेदी, कुसुम दुबे, राजेश्वरी प्रसाद द्विवेदी, भीमसेन तिवारी, अरूणा तिवारी, राम दिनेश मिश्रा, कमला मिश्रा, श्रीकांत तिवारी, कविता तिवारी सहित अन्य ने किया. कथा का समय दोपहर 2 से 6 रखा गया है.