Published On : Fri, Mar 29th, 2019

आम चुनाव के बाद जून में हो सकता है जिलापरिषद का चुनाव!

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Representational Pic

नागपुर: करीब 2 वर्ष से लटका नागपुर जिला परिषद का चुनाव अब इस वर्ष जून के अंत तक होने की संभावना जताई जा रही है. राज्य चुनाव आयोग के सचिव किरण कुरुंदकर ने विभागीय आयुक्त व जिलाधिकारी को इस संदर्भ में प्रभागों की पुनर्रचना व आरक्षण सुनिश्चित करने की प्रक्रिया शुरू करने के आदेश जारी कर दिए हैं. सारी प्रक्रिया 13 मई तक उन्हें पूरी करनी है.

यह निर्देश सभी 13 पंचायत समितियों के संदर्भ में भी जारी किए गए हैं. संभवत: उसके बाद नागपुर जिला परिषद के साथ ही सभी 13 पंचायत समितियों के चुनाव आयोजित किए जाएंगे. मतलब लोकसभा के बाद और विधानसभा चुनाव के पहले नागपुर जिला परिषद व पंचायत समितियों के चुनाव करा लिए जाएंगे.

बताते चलें कि नागपुर जिला परिषद का चुनाव पिछले करीब 2 वर्ष से लटका हुआ है. कभी 50 फीसदी से अधिक महिला आरक्षण तो कभी सर्कल पुनर्रचना पर आक्षेप जताते हुए मामला न्यायालय में ले जाया गया. राज्य सरकार ने भी न्यायालय का फैसला आते तक स्थिति ‘जैसे थी’ रखने का निर्णय लिया था. तभी से भाजपा अपने मित्र दलों के साथ यहां सत्तासीन है.

याद रहे कि जिला परिषद का चुनाव वर्ष 2012 में हुआ था. 21 मार्च को पदाधिकारियों ने पदभार संभाला था. 20 मार्च 2017 को 5 वर्ष की कालावधि समाप्त हो गई थी और चुनाव कराया जाना था. लेकिन विविध आक्षेपों के चलते मामला कोर्ट में चलता रहा. अब चुनाव आयोग ने विभागीय आयुक्त व जिलाधिकारी को प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश जारी किए हैं. तो यह संभावना बलवती हो रही है कि जून महीने के अंत में नागपुर जिला परिषद का चुनाव कराए जा सकते हैं. वैसे भी पिछले 7 वर्ष से भाजपा व उसके सहयोगी दल सत्ता का सुख भोग रही हैं. 20 मार्च 2019 को 7 वर्ष का कार्यकाल पूरा हो चुका है.

उल्लेखनीय यह है कि चुनाव आयोग ने जिलाधिकारी को निर्देश दिया है कि वे 18 अप्रैल तक एससी, एसटी आरक्षण सहित प्रारूप, प्रभाग रचना का प्रस्ताव विभागीय आयुक्त को पेश करें. विभागीय आयुक्त 25 अप्रैल तक प्रभाग रचना को मान्यता देंगे. 27 अप्रैल को जिलाधिकारी ओबीसी, महिला, एसी, एसटी, ओपन महिला आदि वर्ग के लिए आरक्षण निकालने की सूचना प्रकाशित करेंगे. उसके बाद 30 अप्रैल को जिला परिषद के लिए जिलाधिकारी व पंचायत समितियों के लिए तहसीलदार विविध आरक्षण की चिठ्ठी निकालेंगे.

2 से 6 मई तक जिलाधिकारी के समक्ष नागरिक इस संदर्भ में अपने आक्षेप या सुझाव प्रस्तुत कर सकेंगे. 10 मई को विभागीय आयुक्त इन पर सुनवाई कर 13 मई को जिलाधिकारी अंतिम प्रभाग रचना व आरक्षण का परिपत्रक जारी करेंगे. संभावना जताई जा रही है कि इन प्रक्रियाओं के बाद जून अंतिम सप्ताह में चुनाव आयोजित करवाए जा सकते हैं.