Published On : Mon, May 28th, 2018

संघ के कार्यक्रम में शिरक़त करेंगे पूर्व राष्ट्रपति डॉ प्रणव मुख़र्जी

Pranab Mukherjee
नागपुर: पूर्व राष्ट्रपति डॉ प्रणव मुख़र्जी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तृतीय वर्ष प्रशिक्षण शिविर के समापन समारोह में उपस्थित रहेंगे। संघ द्वारा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे मुख़र्जी को निमंत्रण दिए जाने की चर्चा बीते दिनों जोरों पर थी। विचारधारा से मेल न ऱखने वाले संगठन का निमंत्रण क्या मुख़र्जी स्वीकारेंगे इस पर भी नज़र थी। लेकिन संघ के निमंत्रण को पूर्व राष्ट्रपति द्वारा स्वीकार कर लिया गया है और कार्यक्रम की निमंत्रण पत्रिका को छापने का कार्य शुरू भी हो चुका है। तीन वर्ष में एक बार होने वाले प्रशिक्षण शिविर में देश भर के चुनिंदा स्वयंसेवको को नागपुर स्थित डॉ हेडगेवार स्मृति भवन में विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। इस बार 708 प्रशिक्षणार्थी शिविर में भाग ले रहे है। संघ के संगठनात्मक ढाँचे में तृतीय वर्ष प्रशिक्षण शिविर को पूर्ण करने वाले स्वयंसेवक ही विभिन्न ज़िम्मेदारी के कार्यो में नियुक्त होते है।

7 जून को रेशमबाग़ मैदान में आयोजित समारोह में संघ प्रमुख डॉ मोहन भागवत के साथ पूर्व राष्ट्रपति डॉ प्रणव मुख़र्जी अपना संबोधन देंगे। उनके द्वारा दिए जाने वाले संबोधन पर भी संघ भूमि से कहीं जाने वाली बातों पर देश का ध्यान होगा। अमूमन संघ द्वारा निमंत्रित हस्ती संघ कार्यों से प्रभावित रहती है और संगठन को लेकर अपने विचार भी इस मंच से प्रस्तुत करती है।

संघ भूमि से दिए जाने वाले भाषण पर सभी की नज़र
डॉ प्रणव मुख़र्जी को अर्थशास्त्र के जानकार के रूप में भी जाना जाता है। कांग्रेस के शासनकाल के दौरान कई प्रमुख मंत्रालयों को संभालने के साथ ही उन्होंने वित्त मंत्रालय का पदभार प्रमुखता से संभाला चुके है। मुख़र्जी मुख्य तौर पर देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की उदारवादी अर्थव्यस्था नीति के समर्थक रहे है। जिसका संघ परिवार आलोचक रहा है। ऐसे में उनका संघ के कार्यक्रम में आना दिलचस्प वाक़िया होगा और इसमें उनके द्वारा कहीं जाने वाली बातों पर पक्ष विपक्ष दोनों की नज़र होगी। ये माना जाता है की मौजूदा सरकार की नीतियों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सोच प्रदर्शित होती है। डॉ मुख़र्जी ने बतौर राष्ट्रपति रहते हुए केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों की कई बार खुले मंचों से प्रशंसा भी की है।

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संघ प्रमुख से मुख़र्जी की दोस्ती
सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन में ऐसे कई उदहारण है जब संघ प्रमुख डॉ भागवत और मुख़र्जी के बीच मित्रवत संबंध होने के दृश्य सामने आते है। ये संबंध मुख़र्जी के राष्ट्रपति बनने के बाद ज़्यादा प्रगाढ़ होते दिखें। भागवत ने न केवल राष्ट्रपति भवन जाकर डॉ मुख़र्जी से मुलाक़ात की थी बल्कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भारत रत्न सम्मान दिए जाने के समय की जो तस्वीरें सामने आयी थी। उसमें बातचीत के दौरान दोनों का व्यवहार मित्रवत दिखाई दिया था।

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अन्य हस्तियाँ भी होंगी उपस्थित
इस कार्यकर्म में 10 से 12 अन्य गणमान्य हस्तियाँ उपस्थित रहेंगे। सामाजिक,व्यावसयिक,धार्मिक और अन्य क्षेत्र की इस हस्तियों को संघ के द्वारा निमंत्रण दिया गया था जिसे स्वीकार्य कर लिया गया है।

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