Published On : Wed, Dec 31st, 2014

सावली : वन्य प्राणियों का शिकारी वनविभाग के जाल में

 

  • जिंदा विद्युत प्रवाह का फंदा डालकर करता था शिकार
  • अनेक वर्षों से शुरू था शिकार
  • अन्य आरोपीयों की तलाश जारी

Forest Electric
सावली (चंद्रपुर)।
सावली वनपरीक्षेत्र के अंतर्गत आनेवाले राजोली बीट जंगल में विद्युत प्रवाह और फंदा डालकर जंगली जानवरों का शिकार कर उनका मांस बेचने वाले शिकारी को वनविभाग ने गिरफ्तार किया है. देवराव मुरलीधर गोहणे(38) चित्तेगांव निवासी ऐसा आरोपी का नाम है. अन्य तीन आरोपियों की तलाश जारी है. आरोपी 20-25 सालों से दिपेश बलवंत पटेल मूल के खेत में काम करता था. उनकी 20 से 25 एकड खेती मूल तालुका के चित्तेगांव परिसर में है. यह संपुर्ण क्षेत्र जंगल को सटकर है.

अधिक जानकारी के अनुसार वनपरीक्षेत्र के अंतर्गत आनेवाले राजोली बीट जंगल को सटकर दिपेश बलवंत पटेल का खेत है. इसी खेत में आरोपी देवराव गोहणे काम करता था. खेत जंगल से सटककर होने से आरोपी ने जंगल में फंदे और जिंदा विद्युत प्रवाह के साथ जंगली जानवरों का शिकार करके उनका मांस बेचने का धंदा शुरू किया. कई वर्षों से यह प्रकार शुरू था. इस काम में खेत मालक का भी हाथ होने की संभावना व्यक्त की जा रही है.
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राजोली बिट विभाग द्वारा जंगल परिसर में लगाये गए कैमरों से उक्त प्रकार ध्यान में आया. आरोपी को यह बात का पता चलते ही वह वहां से भाग खड़ा हुआ. आरोपी ने जंगल में नहीं तो गांव में ही जानवरों की हत्या की होगी ऐसा अंदाजा लगाया जा रहा है. सावली वनपरीक्षेत्र के अधिकारियों ने इस घटना की जांच के लिए संपुर्ण जंगल परिसर में जांच शुरू कर दी. जिसमे आरोपी को पकड़ा गया. अपने वफादार नौकर को पकडे जाने से मालक की भी सिट्टी-पिट्टी गुल हो गयी है.
वनविभाग ने जिंदा विद्युत प्रवाह और फंदे लगाकर शिकार करने वाले आरोपी को नव वर्ष के पहले गिरफ्तार किया है. विभागीय वन अधिकारी एस.एस. पाटिल के मार्गदर्शन में सावली वनपरीक्षेत्र के अधिकारी राठोड, क्षेत्र सहाय्यक चिकाटे, प्रेम सहाय्यक येलकेवार राजोली बीट, वनरक्षक निरंजन चित्तेगांव, देवगड़े, भेडाले, नन्नावरे आगे की जाँच कर रहे है.