Published On : Mon, Dec 16th, 2019

कथा में कही बातों का करें अनुसरण

Advertisement

नागपुर: श्री गौकथा महोत्सव समिति की ओर से व श्री नागपुर गौरक्षण अनुसंधान केंद्र के तत्वावधान में 19 दिसंबर तक श्री ‘धेनूधाम’, कच्छी वीसा ग्राउंड, लकड़गंज में किया गया है. गौकथा का सुंदर वर्णन साध्वीश्री श्रद्धा गोपाल सरस्वती दीदी भक्तों को करा रही हैं. गौकथा का आयोजन कथा का समय दोपहर 2.30 से 5.30 रखा गया है.

आज कथा के चैथे दिवस साध्वीश्री ने कहा कि चाहे जो कथा आप सुनंे उसमें ध्यान और मन लगाना आवश्यक है. कथा प्रसंग मंे पूरा मन लगाकर चिंतन, मनन करके पूर्ण विचार करते हुए उसे सुनना चाहिए. साथ ही कथा में कही बातों का अनुसरण जरूर करना चाहिए तभी उस कथा को सुनने का महत्त्व है. जिस गौमाता को प्रभु कृष्ण कन्हैया ने अपने बाल्यावस्था में 12 वर्ष तक नंगे पाव चराया, उस कान्हा को जब हम अपना ईष्ट देव मानते हैं तो जिस गौमाता को उन्होंने चराया वो भी हमारी ईष्ट देव ही हैं. उन्हें जानवर कहना सर्वथा अनुचित है.

Gold Rate
Feb 14th, 2026 - Time 11.45Hrs
Gold 24 KT ₹ 1,56,900 /-
Gold 22 KT ₹ 1,45,900 /-
Silver/Kg ₹ 2,48,400 /-
Platinum ₹ 90,000/-
Recommended rate for Nagpur sarafa Making charges minimum 13% and above

उन्होंने आगे कहा कि गौमाता से पवित्र और कोई नहीं है. इसका कारण है कि गाय के गोबर को जहां कहीं भी लेप दंे वह स्थान पवित्र यज्ञ शाला में परिवर्तित हो जाता है. गौमूत्र का उपयोग मंदिर, पूजा- पाठ में पवित्र जल के रूप में उपयोग किया जाता है. गौमाता के गोबर में साक्षात् लक्ष्मी का निवास होता है। गौ माता के हर एक अंग में रोम- रोम में देवी देवताओं का निवास है। आँखों में सूर्य- चंद्र, पूछ में नाग देवता, पीठ में इंद्र- वरुण और गौ माता में मूत्र में गंगा माँ और गोबर मे साक्षात् लक्ष्मी का निवास है. उन्होंने बताया कि धन कमाना बहुत आसान होता है लेकिन उसे टिका कर रखना आसान नहीं है. लक्ष्मी माँ चंचल होती हैं वो एक जगह नहीं रुकतीं. लेकिन गौ माता की कृपा रहे तो हम अपने धन को टिका सकते हंै.

आज मुख्य रूप से राधेश्याम सारडा, जयप्रकाश मालवीय, बृजगोपाल दरक, गिरधर चांडक, कमल तापड़िया, संदीप साबू, राजेश काबरा, ललित लोया, राहुल लांजेवार, मीना दरक, फाल्गुनी सतरा, दर्शना मालवीय, गीता धुत, पूनम दक्षिणी, अम्मी टांक, लता शाह, भारती कारिया, डाॅली हरकानी, मंजू सोनी, ऋतु भंसाली, अनू शर्मा, पूनमचंद मालू, मुरलीघर अग्रवाल, पुरुषोत्तम शर्मा, जुगल शर्मा, गोविन्द पसारी, रामगोपाल बजाज, रामनिवास मूंधड़ा, मनोज ठक्कर, सुधाकर पसारी, मांगीलाल बजाज, पुरुषोत्तम मालू, प्रदीप मूंधड़ा, जतिन मालवीय, जगदीश सोनी, ओम तोषनीवाल सहित अन्य उपस्थित थे.

GET YOUR OWN WEBSITE
FOR ₹9,999
Domain & Hosting FREE for 1 Year
No Hidden Charges
Advertisement
Advertisement