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    Published On : Fri, Oct 11th, 2019

    महाराष्ट्र का प्रथम कीर्तिस्तंभ रनाला मे

    नागपुर : संतशिरोमणी आचार्यश्री विद्यासागरजी गुरुदेव के मुनि दीक्षा को 50 वर्ष पूर्ण होने पर महाराष्ट्र मे पहला कीर्तिस्तंभ रनाला बनेगा. नागपुर से 8 कि.मी. दूर रनाला मे कीर्तिस्तंभ का भूमिपूजन एवं शिलान्यास सुप्रसिद्ध उद्योगपति सतीश जैन कोयलेवाले, महावीर यूथ क्लब के उपाध्यक्ष नितिन नखाते, समाजसेवी प्रकाशचंद बैसाखिया, स्वतंत्रता सेनानी 94 वर्षीय रतनचंद पहाड़ी, श्री. दिगंबर जैन सेनगण मंदिर के अध्यक्ष सतीश जैन पेंढारी, पल्लीवाल दिगंबर जैन सभा के अध्यक्ष अभयकुमार पनवेलकर, कार्याध्यक्ष विजयकुमार वाघे, शरद जैन, सतेन्द्र जैन मामू के हस्ते संपन्न हुआ. भुमीपूजन और शिलान्यास की विधि मंत्रोच्चार मे ब्र. गौरव भैया, सतेन्द्र जैन मामू, पं. सतीश जैन ने की.

    इसअवसर पर अतिथियों के हस्ते मंदिर परिसर मे वृक्षारोपण किया गया.स्वतंत्रता सेनानी रतनचंद पहाड़ी, अभयकुमार पनवेलकर, प्रशांत उमाठे, सतीश जैन कोयलेवाले, नितिन नखाते का शॉल, श्रीफल, पुष्पगुच्छ देकर सत्कार किया गया.

    अभयकुमार पनवेलकर ने कहा आचार्यश्री विद्यासागरजी गुरुदेव के मुनि दीक्षा 50 वर्ष होने पर महाराष्ट्र का पहला कीर्तिस्तंभ रनाला में रहेगा. रनाला मंदिर को महाराष्ट्र शासन ने ‘क’ वर्ग तीर्थक्षेत्र का दर्जा घोषित किया है. धर्मशाला बनाने की योजना है. जैन समाज को एकत्रित लाने का मेरा प्रयास है.

    उपस्थित अतिथि रनाला की सरपंच सुवर्णा साबले, रतनचंद पहाड़ी, सतीश जैन कोयलावाले, नितिन नखाते, सतीश जैन पेंढारी, हरीश जैन मौदावाले, सतेन्द्र जैन मामू, पुलक मंच परिवार की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. रिचा जैन, सुमत जैन लल्ला ने अपने विचार व्यक्त किये. सामूहिक क्षमावाणी और श्वेतपिछाचार्य विद्यानंदजी गुरुदेव को विनयांजलि अर्पित की गई. मंगलाचरण रूपाली उमाठे ने किया. स्वागत गीत मनीषा जैन माठूलकर ने प्रस्तुत किया. कार्यक्रम का संचालन शशिकांत बानाईत ने और आभार दीपक पनवेलकर ने माना.अंत मे सारंग पनवेलकर की ओर से स्वामीवात्सल्य की व्यवस्था की गई थी.

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