
नागपुर टुडे : अन्न एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने भ्रामक विज्ञापनों और दवाओं के संबंध में किए गए कथित अतिरंजित दावों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पतंजलि समूह की दिव्य फार्मेसी द्वारा निर्मित 7 लाख 26 हजार 755 रुपये मूल्य की दवाइयां जब्त की हैं। एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे के पदभार संभालने के बाद इसे विभाग की पहली बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है, जिससे दवा कारोबार से जुड़े लोगों में हलचल मच गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को एफडीए की टीम ने नागपुर जिले के येरला (कलमेश्वर) स्थित मेसर्स आर्योदया सेल्स प्राइवेट लिमिटेड परिसर में छापेमारी कर दवाओं के स्टॉक और संबंधित दस्तावेजों की विस्तृत जांच की। यह कार्रवाई दोपहर 3 बजे से 4 बजे के बीच की गई। अभियान का नेतृत्व नागपुर विभाग के सह-आयुक्त मिलिंद कलेश्वरकर ने किया।
गंभीर बीमारियों के उपचार संबंधी दावों पर उठे सवाल
जांच के दौरान एफडीए अधिकारियों ने पाया कि न्यूरोग्रिट गोल्ड, मेमरीग्रिट, मधुग्रिट, मेलानोग्रिट, सिस्टोग्रिट और नारीकांति जैसी दवाओं की पैकेजिंग एवं प्रचार सामग्री में दिमागी क्षमता बढ़ाने, स्मरण शक्ति सुधारने, त्वचा संबंधी रोगों सहित विभिन्न गंभीर बीमारियों के उपचार संबंधी दावे किए गए थे।
अधिकारियों के मुताबिक, इन दावों से उपभोक्ताओं के गुमराह होने की आशंका है। नियमों के अनुसार किसी भी दवा के संबंध में बिना पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण के “गारंटीड इलाज” या चमत्कारिक परिणामों का दावा करना कानूनन उचित नहीं माना जाता।
‘ड्रग्स एंड मैजिक रेमेडीज’ अधिनियम के तहत कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, दवाओं की पैकेजिंग और प्रचार सामग्री में पाए गए कथित भ्रामक दावों को गंभीरता से लेते हुए एफडीए ने ‘ड्रग्स एंड मैजिक रेमेडीज (ऑब्जेक्शनेबल एडवर्टाइजमेंट्स) अधिनियम’ के तहत कार्रवाई की है। जब्त दवाओं की आगे जांच की जा रही है और कानूनी प्रक्रिया जारी है।
दवा कारोबारियों में बढ़ी चिंता
एफडीए की इस कार्रवाई के बाद दवा विक्रेताओं, वितरकों और फार्मास्यूटिकल कारोबार से जुड़े लोगों में चिंता बढ़ गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में विभाग भ्रामक विज्ञापनों, अप्रमाणित स्वास्थ्य दावों और नियमों के उल्लंघन के मामलों में और अधिक सख्ती बरत सकता है।
स्वास्थ्य क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि ऐसी कार्रवाई उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने और दवाओं के संबंध में भ्रामक प्रचार पर रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।







