Published On : Wed, Jun 12th, 2019

कॉलेज की नहीं कैटरर्स की है गलती, छात्राओं को विषबाधा मामले में एफडीए का कथन

नागपुर: नर्सिंग प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली 25 से ज्यादा छात्राओं को अन्न से विषबाधा होने की घटना उमरेड मार्ग बहादुरा स्थित पांडव कालेज के होस्टल में रविवार की रात में सामने आई थी. फिलहाल 14 छात्राओं को मेडिकल में उपचार के लिए भर्ती किया गया है. सभी की हालत खतरे से बाहर बताई गई है.

केंद्र सरकार के पं. दीनदयाल उपाध्याय स्किल इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत उमरेड रोड स्थित पांडव इंजीनियरिंग कालेज में 3 महीने का नर्सिंग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इसमें नागपुर सहित आसपास के जिलों की भी छात्राएं आयी हैं. रहने की सुविधा कालेज के होस्टल में की गई है. मिली जानकारी के अनुसार होस्टल में 300 से अधिक लड़कियां रहती हैं. रविवार को सुबह 11 बजे छात्राओं ने भोजन किया. भोजन के बाद करीब 50 से अधिक छात्राओं को उल्टी, चक्कर और घबराहट होने लगी. उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया लेकिन शाम तक उनकी तबीयत में सुधार नहीं हुआ. कुछ छात्राओं को निजी अस्पताल में भेजा गया, जबकि करीब 25 से अधिक छात्राओं को एक महिला केअरटेकर रात में मेडिकल में लेकर गयी थी.

इनमे से कुछ छात्राओ को छुट्टी मिल गई है तो कुछ छात्राओ का इलाज अब भी चल रहा है. हालांकि मामले में खाने के सैंपल एफडीए की ओर से लिए गए है और जांच के लिए भेजे गए है. एफडीए की ओर से कॉलेज की गलती नहीं होने की क्लीन चिट भी दे दी गई है. कॉलेज में जब भी किसी प्रकार का प्रोग्राम होता है तो उसके खाने की जिम्मेदारी या सभी तरह का जिम्मा कॉलेज का ही होता है. लेकिन यह मामला सीधे कैटरर्स पर डालना कही न कही मामले को दबाने जैसा दिखाई दे रहा है.

इस मामले में एफडीए के अधिकारी शरद कोलते का कहना है की इसमें कॉलेज की किसी भी तरह की गलती नहीं है. इसमें गलती कैटरर्स वाले की है. खाने के सैंपल लैब भेजे गए है. उसकी रिपोर्ट आने के बाद ही कार्रवाई होगी.