
सावनेर: सावनेर क्षेत्र में 20 सितंबर की रात एक जहरीले सांप ने 17 वर्षीय युवक और उसके पिता को काट लिया। सांप के काटने के बाद परिवार ने तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक का सहारा लिया, जिससे इलाज में करीब 2 से 3 घंटे की देरी हुई। हालत बिगड़ने के बाद दोनों को सावनेर के आदित्य हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की टीम के प्रयासों से पांच दिन के उपचार के बाद पिता-पुत्र स्वस्थ होकर घर लौट गए।
जानकारी के अनुसार, रात करीब 2 बजे, जब परिवार के सभी सदस्य सो रहे थे, तभी दो सांप घर में घुस आए। इनमें से एक सांप ने 17 वर्षीय तुषार को काट लिया। हालांकि, शुरुआत में तुषार ने सांप के काटने को गंभीरता से नहीं लिया और सो गया। कुछ देर बाद उसी सांप ने उसके पिता को भी काट लिया।
परिवार को जब किसी जीव के काटने का संदेह हुआ तो उन्होंने घर में तलाश की। इस दौरान उन्हें दो सांप दिखाई दिए। इसके बावजूद परिवार ने तत्काल अस्पताल जाने के बजाय झाड़-फूंक कराने का फैसला किया। इस प्रक्रिया में करीब 2 से 3 घंटे बीत गए और इस दौरान तुषार की हालत तेजी से बिगड़ने लगी।
आखिरकार तुषार के चाचा और आसपास के लोगों की मदद से पिता-पुत्र को अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद तुषार की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे सावनेर स्थित आदित्य हॉस्पिटल में रेफर किया गया। दोनों सुबह करीब 6 बजे आदित्य हॉस्पिटल पहुंचे।
तुषार की हालत थी बेहद गंभीर
अस्पताल पहुंचने के समय तुषार की हालत बेहद गंभीर थी और उसे सांस लेने में काफी परेशानी हो रही थी। आदित्य हॉस्पिटल के संचालक डॉ. अमित बाहेती के मार्गदर्शन में मेडिकल टीम ने तत्काल उपचार शुरू किया।
डॉक्टरों के अनुसार, तुषार की सांस की नली में ट्यूब डालकर उसे कृत्रिम सांस दी गई। उसकी स्थिति को देखते हुए CPR दिया गया और सांप के काटने के उपचार के लिए एंटी-स्नेक वेनम (एंटी-वेनम) दिया गया। आगे के उपचार के लिए उसे वेंटिलेटर पर रखा गया।
तुषार की हालत गंभीर होने के कारण उसे करीब दो दिनों तक वेंटिलेटर पर रखा गया। उपचार का असर होने के बाद धीरे-धीरे उसकी स्थिति में सुधार आया और उसने आंखें खोलीं तथा होश में आया। खास बात यह रही कि उसके पिता का भी उसी दौरान उसके बगल वाले बेड पर इलाज चल रहा था।
लगभग पांच दिनों के उपचार के बाद पिता और पुत्र दोनों की हालत में सुधार हुआ और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
सांप के काटने पर समय बर्बाद न करें: डॉ. बाहेती
डॉ. अमित बाहेती ने कहा कि सांप का काटना एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है और इलाज में देरी जानलेवा साबित हो सकती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सांप के काटने की स्थिति में झाड़-फूंक या किसी अप्रमाणित उपचार में समय बर्बाद न करें और बिना देरी किए मरीज को अस्पताल ले जाएं।
इस घटना में समय पर चिकित्सा उपचार मिलने के बाद पिता-पुत्र की जान बचाई जा सकी। पांच दिन के उपचार के बाद घर लौटते समय परिवार ने डॉ. अमित बाहेती, डॉ. अंकिता बाहेती, डॉ. श्रीकांत भोंडे, डॉ. उपदेश मोटघरे और आदित्य हॉस्पिटल की पूरी मेडिकल टीम का आभार व्यक्त किया।




