
अहेरी, गडचिरोली: सेवा पवार: गडचिरोली जिले का नाम देशभर में पहुंचाने और युवाओं को बड़े सपने देखने के साथ उन्हें पूरा करने के लिए साहसपूर्वक आगे बढ़ने की प्रेरणा देने के उद्देश्य से वैभव विजय कोमेलवार ने अहेरी से लेह-लद्दाख स्थित उमलिंग ला (19,024 फीट) तक सोलो बाइक यात्रा शुरू की है।
करीब 5,500 किलोमीटर लंबी इस यात्रा को वैभव कोमेलवार ने 22 सितंबर से 5 अक्टूबर के बीच पूरा करने का संकल्प लिया है। उनके मुताबिक, यह यात्रा केवल व्यक्तिगत सपने को पूरा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए गडचिरोली जिले के युवाओं को प्रेरित करना और जिले की पहचान देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाना भी मुख्य उद्देश्य है।
16 गढ़-किलों की मिट्टी और जल से तैयार शिवाजी महाराज की प्रतिमा
इस सोलो बाइक राइड का सबसे खास पहलू छत्रपति शिवाजी महाराज के पदस्पर्श से पावन माने जाने वाले महाराष्ट्र के 16 गढ़-किलों की मिट्टी और जल से तैयार की गई शिवाजी महाराज की प्रतिमा है। वैभव कोमेलवार इस प्रतिमा को अपने साथ यात्रा पर लेकर जा रहे हैं और इसे उमलिंग ला तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।
इस संकल्प को पूरा करने के लिए कोमेलवार ने करीब दो वर्ष पहले महाराष्ट्र के 16 गढ़-किलों का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने वहां की मिट्टी और जल एकत्रित किया। इसी मिट्टी और जल की संकल्पना से तैयार की गई शिवाजी महाराज की प्रतिमा अब उनकी इस यात्रा का विशेष हिस्सा बनी है।
परिवार का आशीर्वाद, पूर्व राज्यमंत्री का सहयोग
इस चुनौतीपूर्ण यात्रा के लिए वैभव कोमेलवार को परिवार का आशीर्वाद मिला है। वहीं, पूर्व राज्यमंत्री राजे अंब्रीशराव आत्राम की ओर से इस उपक्रम के लिए आर्थिक सहयोग भी प्राप्त हुआ है।
इसके अलावा जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा और जिला पुलिस अधीक्षक एम. रमेश ने भी वैभव कोमेलवार को इस विशेष पहल के लिए शुभकामनाएं दी हैं।
अहेरी से शुरू हुई यह सोलो बाइक यात्रा अब लेह-लद्दाख के अत्यंत ऊंचाई वाले उमलिंग ला तक पहुंचने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। कोमेलवार का कहना है कि उनका प्रयास गडचिरोली के युवाओं को यह संदेश देना है कि बड़े लक्ष्य तय कर दृढ़ संकल्प और साहस के साथ उन्हें हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।
प्रतिनिधि — सेवा पवार, अहेरी, गडचिरोली




