Published On : Tue, May 30th, 2017

1 जून से किसान करेंगे आंदोलन

Farmers strike

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नागपुर
 : किसान संगठन और शेतकरी संगंठन, प्रोग्रेसिव फार्मर्स की बैठक रविवार को रविभवन में संपन्न हुई. इस बैठक में किसानो के ज्वलंत प्रश्नों जिसमें किसानों की कर्ज मुक्ति, कृषि उत्पादों को उचित दाम सहित कई अन्य विषयों को उठाने का निर्णय लिया गया है। हर वर्ष प्राकृतिक संकट के चलते किसानों का नुकसान होता है. दिल्ली व मुंबई में बैठनेवाले राजनेताओं ने कृषिउत्पादों के भाव नीचे गिराने का षड़यंत्र रचा है. जिसके कारण किसान विदर्भ समेत पूरे महाराष्ट्र में आत्महत्या कर रहा है. इसलिए 1 जून से महाराष्ट्र राज्य के सभी किसान आंदोलन कर रहे हैं. जब तक किसानों की मांगे पूरी नहीं होगी तब तक यह शुरू रहेगा. इस आंदोलन का अर्थ यह नहीं है कि किसान खेती का काम बंद करेंगे. वे बाकी किसानों में जागृति तैयार करके किसानों को केवल अपने लिए ही अनाज पैदा करने और बाजार में उत्पाद नहीं लाने के लिए सहमत करेंगे. खेती में कपास व अन्य कॅश क्रॉप बोए जाएंगे. इस आंदोलन का यही उद्देश्य होगा कि बाजारों में अनाज की कमी होगी.

इस बैठक में मांग की गई है िक कृषि उत्पादन खर्च समेत 50 प्रतिशत मुनाफा दिया जाए. सभी किसानों की कर्जमाफी की जाए. किसान विरोधी कानूनों को रद्द किया जाए. समृद्धि मार्ग की योजना रद्द कर वह रकम किसानों के बांध तक डामर की सड़कों को तैयार करने में लगाई जाए. एक जून से सभी किसान आंदोलन में शामिल होंगे. इस दौरान किसानों की सभाएं, सम्मलेन, बैठक लेना शामिल होगा. गांव – गांव में जाकर प्रदर्शन किए जाएंगे. इस बैठक में राम नेवले, किसान क्रांति के समन्वयक जियाजिराव सूर्यवंशी, शेतकरी संगठन के राज्य अध्यक्ष अनिल धनवट, विजय काकड़े, डॉ.श्रीनिवास खांडेकर ने मार्गदर्शन किया. साथ ही इस बैठक में सरोज काशीकर , अरुण केदार, सुनंदा तुपकर, मदन कांबले, एडवोकेट नंदा जिचकार मौजूद थे.

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