Oops! It appears that you have disabled your Javascript. In order for you to see this page as it is meant to appear, we ask that you please re-enable your Javascript!
    | | Contact: 8407908145 |
    Published On : Thu, Jan 1st, 2015
    Vidarbha Today | By Nagpur Today Vidarbha Today

    यवतमाल : 44 फिसदी आनेवारी, फिर भी मुआवजे से वंचित किसान


    यवतमाल।
    जिले में 16 भी तहसीलों की आनेवारी औसतन 44 फिसदी आने के बावजूद अकाल के लाभ से 24 हजार हेक्टेयर खेती के किसानों को वंचित रखा गया है. ऐसी जानकारी विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त हुई है. जिससे इन पीडि़त 24 हजार हेक्टेयर के किसानों को भी अकाल की सहायता राशि देने की मांग की जा रही है. कुल 8 लाख 34 हजार हेक्टेयर में से सिर्फ 8 लाख 10 हजार हेक्टेयर किसानों को सहायता राशि देने के लिए जिला प्रशासन ने रिपोर्ट भेजी थी. जब आनेवारी ही मात्र 44 फिसदी है तो 24 हजार हेक्टेयर के किसानों को अकाल के बाद मिलनेवाली सहायता राशि से  क्यों वंचित रखा गया है. यह समझ से परे
    है. इसमें अल्पभूधारक किसानों की संख्या 2 लाख 98 हजार 727 तो बगैर अल्पभूधारक किसानों की संख्या 1 लाख 51 हजार 323 है. कुल 4 लाख 50 हजार
    50 किसानों को इसका लाभ मिलनेवाला है.

    इसमें तहसीलनिहाय अल्पभूधारक किसानों की संख्या इस प्रकार है. आर्णी 20,337, पुसद 32,484, रालेगाव 16,973, वणी 17,407, मारेगाव 10,155, घाटंजी 16,288, बाभुलगाव 14,077, यवतमाल 15,918, कलंब 12,750, नेर 19,082, दारव्हा 24,362, केलापूर 17,366, दिग्रस 15,274, महागाव  29,478, उमरखेड़ 30,817 और झरी 5959 किसान का समावेश है.  उसी प्रकार बगैर अल्पभूधारक किसानों की संख्या इस प्रकार है. आर्णी 10082, पुसद 100494, रालेगाव 11336, वणी 12838, मारेगाव 8213, घाटंजी 11163, बाभुलगाव 6811, यवतमाल 10683, कलंब 8256, नेर 8642, दारव्हा 9993, केलापूर 6323, दिग्रस 7111, महागाव 8462, उमरखेड़ 10273 और झरी 10643 किसान का समावेश है. इन सभी किसानों को अकाल के कारण नुकसान
    होने से सहायता राशि मिलनेवाली है.

    File pic

    File pic


    Stay Updated : Download Our App
    Mo. 8407908145