Published On : Tue, Oct 3rd, 2017

मुख्याध्यापकों द्वारा प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगा रहे शिक्षक

Gurunanak Primary School, Nagpur
नागपुर: बेझनबाग स्थित गुरुनानक हिंदी इंग्लिश प्राथमिक स्कूल के मुख्याध्यापिका पर्ल हेरॉल्ड माइकल व जसपाल सलूजा के कारण यहां कार्यरत शिक्षकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. यहां पहली से बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए करीब 83 शिक्षक और शिक्षिकाएं हैं. जिन्हें रोज खास तौर से मुख्याध्यापिका पर्ल हेरॉल्ड माइकल की ओर से मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है.

स्कूल में कार्यरत शिक्षकों ने आरोप लगाते हुए बताया कि शिक्षकों को स्कूल में मैनेजमेंट के नाम पर और कार्य्रकम करने के लिए मुख्याध्यापिका की ओर से जबरन पैसे वसूले जाते हैं. स्कूल में पहुंचनेवाले शिक्षकों के मोबाइल जब्त करवा लिए जाते हैं. उसके बाद मोबाइल में छेड़खानी की जाती है. गांधी जयंति के अवसर पर घर के सदस्यों को अस्पताल में भर्ती किया गया था. जिसके कारण दो शिक्षक गांधी जयंती पर स्कूल नहीं पहुंच पाए. इस वजह से इन दोनों शिक्षकों की गैर हाजिरी लगाई गई है. प्रिंसिपल मायकल के कारण तीन वरिष्ठ शिक्षकों ने वीआरएस ले लिया था. लेकिन उसके बाद उनको पेंशन के लिए दो साल लगा दिया गया.

शिक्षकों ने आगे कहा कि लोन के लिए आवेदन करने के लिए प्रिंसिपल मैडम की ओर से साइन नहीं किया जाता. शिक्षकों ने जानकारी देते हुए बताया कि नियामनुसार प्रत्येक स्थायी शिक्षकों को रखने के बाद उन्हें 3 महीनों के भीतर एम्प्लॉई सर्विस रिकॉर्ड मेन्टेन कर सम्बंधित शिक्षक को डुप्लिकेट सर्विस रिकॉर्ड देना अनिवार्य है. लेकिन नियम का उल्लंघन कर किसी भी अस्थायी शिक्षक को डुप्लिकेट सर्विस रिकॉर्ड दिया नहीं गया है. शिक्षकों को सैलरी स्लिप भी नहीं दी जाती. शिक्षकों को प्रशासन से मिलनेवाली सुविधाओं से वंचित रखा जाता है. शिक्षकों को कामकाज की जानकारी के विषय में जीआर की जानकारी भी नहीं दी जाती है.

दोनों प्रिंसिपल को लेकर इससे पहले भी शिक्षा उपसंचालक को निवेदन दिया गया था. लेकिन उन्होंने कोई भी कार्रवाई नहीं की. पीड़ित शिक्षकों ने बताया कि स्कूल में कार्यरत क्लर्क और चपरासी की ओर से महिला शिक्षकों के साथ अश्लील बातें और गाली गलौज की जाती है. इस बारे में प्रिंसिपल माइकल से शिकायत करने पर वे भी कुछ नहीं करतीं. सभी शिक्षकों ने मांग की है कि दोनों ही मुख्याध्यपकों को तुरंत स्कूल से हटाया जाना चाहिए. इस बारे में स्कूल की प्रिंसिपल पर्ल हेरॉल्ड माइकल और जसपाल सलूजा से संपर्क किया गया. लेकिन दोनों से ही संपर्क नहीं हो पाया.