Published On : Fri, Jul 15th, 2016

महापौर, स्थायी समिति अध्यक्ष और आयुक्त पर पर्यावरण मंत्रालय दर्ज कराएगा मानवहत्या का मामला

Environment Minister kadam
नागपुर:
राज्य के पर्यावरण मंत्री रामदास कदम ने शुक्रवार को महानगरपालिका के अधिकारियो को जमकर फटकार लगाई, और इस लापरवाही पर सख्त रुख अख्तियार करते हुए महापौर, स्थायी समिति अध्यक्ष और आयुक्त पर पर्यावरण मंत्रालय द्वारा मानवहत्या का मामला दर्ज करने की बात कही। सीवरेज का पानी लगातार नाग नदी में छोड़े जाने को पर्यावरण मंत्री ने गंभीर मानते हुए महानगरपालिका को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया।

पर्यावरण मंत्री ने रवि भवन में नाग नदी के संबंध में मनपा अधिकारियों ने बैठक की। इस बैठक में अधिकारियो ने मंत्री को जानकारी देते हुए बताया कि, शहर में 100 एमएलडी रिसायकल किया जा रहा है। जबकि बचा पानी नाग नदी में ही छोड़ा जा रहा है। इसी बात से गुस्साएं पर्यावरण मंत्री ने अधिकारियो पर पर्यावरण और आम जनता के जान के साथ खेलने की बात कहते हुए लापरवाही बरतने पर गुस्सा जाहिर किया। पत्रकारों से बात करते हुए पर्यावरण मंत्री ने कहा कि, उन्होंने एक साल पहले भी इसी संबंध में बैठक की थी। तब भी उन्हें यही आकड़ा बताया गया था। हालांकि उन्होंने उस वक्त ही नाग नदी में सीवर का पानी छोड़े जाने और पानी की रिसायकलिंग के लिए व्यवस्था निर्माण करने दिया था। अगर मनपा चाहती तो एक साल के भीतर 200 एमएलडी गंदे पानी को शुद्ध करने की व्यवस्था कर सकती थी, पर ऐसा हुआ नही।

महनगपलिका के निर्धारित नियम के तहत बजट का 25% हिस्सा सीवर पानी के ट्रीटमेंट और घनकचरा व्यवस्थापन पर खर्च करना चाहिए। अगर ऐसा देखे तो 900 करोड़ रूपए खर्च होने चाहिए थे। इतने पैसे के नियोजन से यह काम आसानी से हुआ था जो हुआ नहीं। इससे उलट इन कामो के लिए निर्धारित रकम कही और खर्च कर दी गई। यह पर्यावरण के लिए खतरनाक है, और किसी भी सूरत में गंदा पानी नदी में नहीं छोड़ा जायेगा। मनपा के इस लापरवाह रुख पर मंत्रालय सख्त कदम उठाएगा। उन्होंने मनपा से बीते एक वर्ष में गंदे पानी को साफ करने के लिए क्या कदम उठाए गये। इसकी जानकारी मांगी है।

पर्यावरण मंत्री कदम के अनुसार मनपा की लापरवाही साफ दिखती है। इसलिए महापौर, स्थायी समिति अध्यक्ष और आयुक्त पर मानवहत्या का मुक़दमा पर्यावरण मंत्रालय दर्ज कराएगा। पर्यावरण मंत्री ने शहर के 13 प्रमुख तालाबों की गंदगी और रख-रखाव पर भी नाराजगी जाहिर करते हुए मनपा आयुक्त को शहर और जिलधिकारी को जिले के तालाबों की स्थिति की रिपोर्ट विभाग को सौपने का आदेश दिया है। इसके अलावा महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रक महामंडल से शहर के पर्यावरण पर विस्तृत अध्ययन कर रिपोर्ट देने का आदेश दिया है।

नगरपरिषदों में दूषित पानी की रिसायकलिंग की रिपोर्ट दे जिलाधिकारी
पर्यावरण को लेकर पर्यावरण मंत्री का रुख काफी कड़क रहा है। पर्यावरण मंत्री ने प्रशाषन से दूषित पानी की शुद्ध करने की व्यवस्था करने का भी आदेश दिया। जिलाधिकारी सचिन कुर्वे से चर्चा कर रामदास कदम ने ग्रामीण भागो में दूषित पानी के संबंध में जानकारी ली। जिले की 13 नगर परिषदों में दूषित पानी को साफ करने के लिए अपनाई जा रही व्यवस्था की जानकारी जल्द देने का आदेश दिया।