
नागपुर: नागपुर में बारिश के दौरान संभावित करंट हादसे को रोकने के लिए सुरक्षा जांच करने पहुंचे महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (एमएसईडीसीएल) के कर्मचारियों पर कथित तौर पर हमला कर दिया गया। सरकारी ड्यूटी निभा रहे बिजलीकर्मियों के साथ मारपीट करने और कार्य में बाधा डालने के आरोप में एमआईडीसी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बारिश के पानी से बिजली पैनल तक पहुंचा करंट का खतरा
पुलिस के अनुसार, 28 जुलाई की शाम करीब 4 से 4:20 बजे के बीच एमएसईडीसीएल के तकनीशियन मनोज प्रभाकर शिवकर (32) अपने सहयोगी रितेश कुमार शेंडे के साथ जयताला रोड स्थित गणराज सेलिब्रेशन हॉल में विद्युत सुरक्षा निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान बिजली सप्लाई पैनल के आसपास करीब आधा फुट बारिश का पानी जमा मिला, जिससे करंट फैलने और बड़े हादसे की आशंका थी।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तकनीशियन ने लोगों की सुरक्षा के लिए तत्काल बिजली आपूर्ति बंद करने की सलाह दी, ताकि किसी भी दुर्घटना से बचा जा सके।
सुरक्षा जांच को लेकर हुआ विवाद, कर्मचारियों से मारपीट
आरोप है कि दत्तात्रय वानखेड़े, उनके बेटे और एक अन्य व्यक्ति ने बिजली आपूर्ति बंद करने का विरोध किया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और आरोपियों ने तकनीशियन मनोज शिवकर तथा उनके सहयोगी रितेश शेंडे के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। साथ ही सरकारी कर्तव्य निभाने से रोकने का भी प्रयास किया।
सरकारी कार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज
घटना के बाद मनोज शिवकर की शिकायत पर एमआईडीसी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 132 (लोक सेवक को कर्तव्य पालन से रोकने के लिए हमला), 351(2), 35(B) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस ने शुरू की जांच
एमआईडीसी पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस घटना के समय मौजूद लोगों से पूछताछ कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि सुरक्षा के लिए दिए गए बिजली विभाग के निर्देशों की अनदेखी क्यों की गई तथा विवाद हिंसक कैसे हो गया।




