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    Published On : Fri, Mar 22nd, 2019
    nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

    चुनाव में निष्पक्षता और पारदर्शिता जरूरी

    गोंदिया: आगामी 11 अप्रैल को होने वाले भंडारा-गोंदिया लोकसभा चुनाव में 20 दिन ही शेष बचे है, नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 25 मार्च है लेकिन अभी तक भाजपा-शिवसेना (एनडीए) तथा कांग्रेस-राष्ट्रवादी (युपीए) महागठबंधन की ओर से अपने उम्मीदवार का ऐलान नहीं किया गया है। चुनावी रणभूमि में निर्दलीय और अन्य छोटे दलों से भी उम्मीदवारों के चुनाव लड़ने की संभावना है।

    चुनाव में पारदर्शिता बनी रहे और आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से पालन हो तद्हेतु जिलाधिकारी डॉ. कांदबरी बलकवडे ने विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों की बैठक में आवश्यक निर्देश देते कहा- एक उम्मीदवार के चुनावी खर्च की तय मर्यादा 70 लाख रूपये तक है। सभा एंव रैली (प्रचार) दौरान लगने वाले वाहनों की अनुमति लेना भी अनिवार्य है। प्रचार गाड़ी में वाहन चालक सहित 5 व्यक्ति निश्‍चित किए गए है।

    जि.प. सीईओ डॉ. राजा दयानिधी ने कहा- आचार संहिता के उल्लंघन किए जाने संबंधी शिकायत सी-विजिल एप्प पर की जा सकती है, जिसकी जानकारी गुप्त रखी जाएगी।

    उपचुनाव अधिकारी सुभाष चौधरी ने कहा- चुनाव प्रक्रिया पूर्ण रूप से पारदर्शी रहेगी, ईवीएम के वाहनों पर जीआरपीएस सिस्टम रहेंगे।
    कोषागर अधिकारी विजय जंवजाड ने जानकारी देते बताया- प्रतिदिन के चुनाव खर्च की बारिकी से जांच की जाएगी, प्रचार- रैली, सभा में होने वाले खर्च पर सुक्ष्म ऩजर रहेगी। जिला सूचना अधिकारी विवेक खडसे ने कहा- सोशल मीडिया पर भी पुलिस विभाग के साइबर सेल के माध्यम से ऩजर रखी जा रही है।

    एम्बूलेंस और पुलिस गाड़ी की भी हो पड़ताल
    चुनाव आयोग की ओर से गोंदिया-भंडारा लोकसभा क्षेत्र के लिए बतौर निरीक्षक (ऑब्जर्वर) नियुक्त किए गए सजृनकुमार ने बैठक में कहा- चुनावी खर्च और पेड न्यूज पर आयोग की पैनी नजर रहेगी तथा चुनाव दौरान अवैध शराब की बिक्री ना हो इसका भी विशेष ध्यान रखा जाए। मतदाताओं को लुभाने के लिए पैसा व शराब जिले में न पहुंचे लिहाजा चुनाव अवधी के दौरान सभी जांच नाकों पर पुलिस गाड़ी और एम्बूलेंस की भी पड़ताल हो।
    विगत चुनाव में निर्वाचन आयोग के सामने यह बात सामने आयी थी कि, प्रलोभन सामग्री को एक स्थान से दूसरे स्थान पहुंचाने हेतु एैसे वाहनों का उपयोग भी किया जाता है इसलिए इन वाहनों पर भी विशेष नजर रखने की जरूरत है।


    रवि आर्य


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