Published On : Fri, Dec 5th, 2014

चिखली : गाँव के बच्चे-बड़े सब शराब के आदी!

 

  • दारूबंदी को लेकर महिलाओं ने निकाला मोर्चा
  • पुलिस की लापरवाही उजागर
  • उत्पाद शुल्क विभाग ने दिया आश्वासन

Sharab Bandi
चिखली। शहर से करीब तेल्हारा में बच्चे-बड़ों के शराब पीने की लत से महिलाएँ त्रस्त हो शराबबंदी लागू करने को लेकर पुलिस थाने पहुंची, पर समस्या निवारण करने की बजाए पहले घर को संभालने की नसीहत पाकर महिलाएँ विफर उठीं. बाद में उत्पाद शुल्क अधिकारियों के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ. इससे पुलिस की लापरवाही उजागर हो गई.

प्राप्त जानकारी के अनुसार, तेल्हारा गाँव की स्थिति अत्यंत गंभीर होती जा रही थी. गाँव में 10 से 15 वर्षीय नाबालिग दारू की नशे में धुत्त रहते हैं. इस संबंध में 4 दिसम्बर को सरपंच माणिकराव गाडेकर के नेतृत्व में ग्राम पंचायत सदस्य व क्षेत्र की महिलाएँ चिखली पुलिस थाना मोर्चा निकालकर इस आशा से पहुँची कि दारू की बिक्री बंद कर उन्हें राहत दी जाएगी. उधर पुलिस द्वारा पहले अपना घर देखो कहे जाने पर महिलाओं को काफी निराशा हुई. लेकिन जब मोर्चा उत्पाद शुल्क के अधिकारी वी.जी. पाटिल प्र. निरीक्षक अधिकारी जी.एन. सोनकांबले, ए.पी. तिवाणे, एस.आर. एडसकर से मिला तो उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया. निवेदन सौंपने वालों में माणिकराव गाडेकर के साथ ग्रापं. सदस्य किरणताई गाडेकर, सुनीता जाधव, सगीता ठोंबरे, रेखा ठोंबरे, लक्ष्मी ठोंबरे के साथ 66 महिलाओं ने वरिष्ठों को सौंपा.