Published On : Tue, Feb 28th, 2017

पुणे के तत्कालीन जिलाधिकारी और एमआयडीसी सीईओ से क्रास एग्जामिनेशन की अपील


नागपुर:
जमीन के गैरव्यवहार की जाँच के लिए गठित न्यायमूर्ति झोटिंग समिति के सामने पूर्व राजस्व मंत्री एकनाथ खडसे मंगलवार को फिर एक बार पेश हुए। पुणे स्थित भोसरी में परिवार जन को जमीन दिलाने का आरोप झेल रहे खड़से जाँच के दौरान चौथी मर्तबा पेश हुए। समिति ने आज भी खड़से से कई महत्वपूर्ण सवालों पर जवाब तलब किये। मामले पर खड़से से समिति द्वारा सवाल पूछने का क्रम अब समाप्त हो चुका है। अब बुधवार को मामले की सुनवाई होगी। मामले में एमआयडीसी की तरफ़ से पैरवी कर रहे वकील चंद्रशेखर जलतारे के मुताबिक मामले की सुनवाई पूरी हो चुकी है।

लेकिन एकनाथ खड़से ने मामले में रिकास्टिंग एंड स्ट्राइकिंग ऑफ़ इशू का सवाल उठाया है जिस पर अगली सुनवाई के दौरान फ़ैसला होने की उम्मीद है। खड़से ने पुणे के तत्कालीन जिलाधिकारी सौरभ राव और तत्कालीन एमआयडीसी सीईओ भूषण दगरानी ने युक्तिवाद करने की विनती की है, जिस पर भी समिति अगली सुनवाई के दौरान विचार करेगी। खड़से अब भी जाँच समिति द्वारा राज्य शासन के दायरे से इतर जाकर जाँच करने के अपने आक्षेप पर कायम है।

मंगलवार की जाँच समिति की कार्यवाही के बाद खड़से नागपुर से चले गए अब उनकी प्रत्यक्ष तौर पर उपस्थिति की आवश्यकता नहीं है। जाँच समिति के कार्यालय से बाहर निकलते हुए वो पहले की तुलना में रिलेक्स मूड में दिखे मानो उन्हें बार-बार समिति के सामने उपस्थित होने से निज़ात मिली हो। मामला न्यायप्रविष्ठ होने से उन्होंने कुछ कहने से इनकार कर दिया। लेकिन पत्रकारों द्वारा बार -बार नागपुर आने से आराम मिलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वो नागपुर आना कैसे छोड़ सकते हैं। उनका इशारा साफ़ तौर पर राज्य के राजनीतिक केंद्र की तरफ़ था।