Published On : Mon, Jul 29th, 2019

द्वादश ज्योर्तिलिंगों की अपनी अनोखी महिमा: बालव्यास योगेश कृष्ण

नागपुर: श्रावण मास, भगवान शिव की भक्ति हेतु सर्वोत्तम है. शिवमहापुराण के अनुसार एक मात्र भगवान शिव ही ऐसे देवता हैं जो निष्कल व सकल दोनों हैं. यही कारण है कि एक मात्र शिव का पूजन, लिंग व मूर्ति दोनों की रूपों में किया जाता है. भारत में 12 ज्योर्तिलिंग हैं. इन समस्त ज्योर्तिलिंगों का अपना महत्व व महिमा है. उक्त उद्गार सामूहिक शिवमहापुराण कथा ज्ञान यज्ञ महोत्सव में बाल व्यास योगेश कृष्ण जी महाराज ने व्यक्त किए. ग्रेट नाग रोड, अशोक चैक में शिवपुराण का 30 जुलाई तक जारी है.

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कथा व्यास महाराज जी ने द्वादश ज्योर्तिलिंगों की महिमा का वर्णन आज के प्रसंग में किया. उन्होंने कहा कि श्रावण मास में भगवान शिव के ज्योर्तिलिंगों के दर्शन करने से जन्म- जन्म के कष्टों से मुक्ति मिलती है. सोमनाथ ज्योर्तिलिंग, मल्लिकार्जुन ज्योर्तिलिंग, महाकालेश्वर ज्योर्तिलिंग, ओंकारेश्वर ज्योर्तिलिंग, केदारनाथ ज्योर्तिलिंग, भीमाशंकर ज्योर्तिलिंग, काशी विश्वनाथ ज्योर्तिलिंग, त्र्यंबकेश्वर ज्योर्तिलिंग, वैद्यनाथ ज्योर्तिलिंग, नागेश्वर ज्योर्तिलिंग, रामेश्वरम ज्योर्तिलिंग, घुष्णेश्वर ज्योर्तिलिंग द्वादश ज्योर्तिलिंग हैं. इन ज्योर्तिलिंगों की महिमा अनंत है.

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इनके दर्शन की महिमा तो अनंत है ही साथ ही केवल नाम लेने से भी अनंत पुण्यों का फल प्राप्त होता है. जो भी व्यक्ति इन द्वादश ज्योर्तिलिंगों का सुबह उठकर जाप करता है उसकी हर मनोकामना अवश्य ही पूरी होती है. परंतु इनके स्मरण की शर्त यह है कि इनका नाम श्रद्धा और विश्वास से शुद्ध मन से और निष्काम भाव से लेना चाहिए.

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आज व्यासपीठ का पूजन यजमान अनुसूया रेवाड़िया, जयंती बबनकुमार रेवाड़िया, मोरेश्वर भांडारकर, श्रावण मानकर, अभिषेक कारेमोर, मनोहर पोटदुखे, शाम गवई, शारदा खरे, बंडू नेहारकर, राहुल घोरडे, अतुल पोहाने, अक्षय विरूलकर, श्रेयस पोहाने, सागर पोहाने, आशीष पोहाने, अयान भंाडारकर, लता भांडारकर, छाया भंाडारकर, निर्मला भंाडारकर ने किया. कथा का समय दोपहर 3 से 6 रखा गया है. मंगलवार को कृष्ण उपमन्यू संवाद की कथा होगी.

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