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    Published On : Tue, Dec 22nd, 2020

    कोरोना में आर्थिक परिस्थिति खराब होने से कई बच्चों को छोड़ने पड़ सकते है स्कूल : शाहिद शरीफ

    नागपुर– संवैधानिक अधिकार के अंतर्गत शिक्षा का अधिकार प्राथमिकता से बच्चों को मुहैया कराने का उल्लेख है, लेकिन ऐसा दिखाई नही दे रहा है. कोविड-19 के कारण बड़ी संख्या में पालकों की नौकरियां चली गई और ऐसी हालत में दो वक़्त की रोटी भी दूभर हो गई , जहां एक ओर दो वक़्त की रोटी के लाले पड़े हैं वहीं दूसरी ओर घर में बैठे बच्चों की शिक्षा के ख़र्चे की चिंता बच्चों के परिजनों को सता रही है, ऐसे में स्कूल द्वारा भी रोज़ाना फीस को लेकर परिजनों को प्रताड़ित किया जाता.

    RTE एक्शन कमेटी के चेयरमैन मो. शाहिद शरीफ़ के अनुसार रोजाना अनेक शिकायतें पालकों द्वारा प्राप्त हो रही है की स्कूल में पैसे नहीं दिए तो नाम काट दिया जाएगा. ऐसा स्कूल द्वारा कहां जा रहा है. ऐसी परिस्थिति में प्रशासन की ओर से पालकों को कोई राहत नहीं मिल रही है.

    शरीफ का कहना है कि पालकों के पास बस एक ही रास्ता है कि वे अपने बच्चों का नाम स्कूल से निकलवा ले और शिक्षा के अधिकार से वंचित रखे अपने बच्चो को.

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