Published On : Thu, Sep 8th, 2016

निमगडे हत्याकांड में संदेह के घेरे में कुख्यात गैंगस्टर संतोष आंबेकर, आईपीएस अधिकारी ने की तीन घंटे पूछताछ

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नागपुर:
दों दिन पहले आर्किटेक एकनाथ निमगडे की हत्या ने सारे शहर को झकझोंर कर रख दिया दिया है। निमगड़े हत्याकांड से कई सवाल खड़े हुए है। पुलिस को शक है कि सुनियोजित ढंग से साजिश रच कर हत्या को अंजाम दिया गया है। इस वारदात को अंजाम देने में वकील, बिल्डर, भू-माफिया और सफेदपोश नेताओं के साथ अब गैंगस्टरों के शामिल होने का शक व्यक्त किया जा रहा है।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस हत्याकांड में अब तक 100 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। हालांकि अब तक पुलिस हत्या की ठोस वजह और आरोपी तक पहुंचने में नाकामियाब ही साबित हुई है। गुरुवार को जोन 3 के डीसीपी आर राजकुमार ने शहर के कुख्यात गैंगस्टर संतोष आंबेकर से करीब दो घंटे पुछताछ की। इसके अलावा अपराध जगत से जुड़े कई लोगो से भी पूछताछ का सिलसिला जारी है। पुलिस हाल में जेल से पेरोल पर छुटे आरोपियों की गतिविधियों पर भी नजर रखे हुई है और उनसे भी पूछताछ की जा रही है।

सीसीटीवी फुटेज की भी शुरू है जांच
घटना स्थल की दुरी पर पुलिस को सीटीवी फुटेज प्राप्त हुआ है। जिसमे कयास लगाया जा रहा है कि तस्वीर कातिल की है। फुटेज में हरे रंग के शर्ट और काले रंग के पैंट पहने हुवा काले कपडे से मुँह ढका हुवा एक व्यक्ति दिखाई दे रहा है। सुत्रो के अनुसार सीसीटीव कैमरे में यह तस्वीर 7 बजकर 51 मिनिट पर कैद हुई है, जो घटना से सात से आठ मिनिट पहले की है। तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि यह व्यक्ति ब्लैक कलर की होंडा एक्टिवा पर सवार है। इस हत्याकांड के चश्मदीद ने भी इसी वाहन में हत्यारे के सवार होने की जानकारी पुलिस को दी थी। मंगलवार 6 सितंबर 2016 को 72 वर्षीय एकनाथ निमगडे की हत्या से जुड़ा यह अहम सुराग माना जा रहा है।

फ़िलहाल शहर से सुरक्षा का हाल ही में जिम्मा संभालने वाले नवनियुक्त पुलिस आयुक्त के लिए यह केस काफी अहम है। शहर के लकड़गंज, कोतवाली, गणेशपेठ थाने के साथ क्राइम ब्रांच, डीबी स्कॉड के लगभग 150 पुलिसकर्मी इस मामले की तफ्तीश में जुटे हुए है। नागपुर पुलिस का साइबर सेल भी इस काम में जुटा हुआ है। हत्या के पहले निमगडे को आये फ़ोन कॉल की जानकारी निकालने के साथ सीसीटीव फुटेज का रिकॉर्ड भी जांचा जा रहा है।

परिजन पर भी संदेह
मृतक निमगडे का परिजन पेशे से वकील है। उसे क़ानूनी ज्ञान भली-भांति होने के कारण खबरची की शंका है कि इस परिजन ने भवन निर्माता ”अन्ना” और मृतक निमगडे की बैठक करवाकर भवन निर्माता “अन्ना” को मदद करनी चाहिए। लेकिन मृतक निमगडे की अड़ियल रवैय्ये के कारण बारंबार असफलता हाथ लग रही थी। खबरची का संदेह इस ओर पुलिस का ध्यानाकर्षण करने की कोशिश गौर-ए-काबिल है। इस मामले में क्रेडाई के एक अन्य पदाधिकारी सह मृतक निमगडे का जिनसे न्यायालयीन विवाद चल रहा है, उस पर भी संदेह है।