Published On : Sat, May 11th, 2019

सती अनसुया जन्मोत्सव सप्ताह व सामूहिक विवाह कार्यक्रम संपन्न

आज श्री सती अनसुया माता संस्थान पारडसिंगा कि और से आयोजित माता जन्मोत्सव सोहला व सर्वधर्म सामूहिक विवाह सोहला हजारों की संख्या में उपस्थिती पारडसिंगा माता मंदिर परिसर में सम्पन्न हुआ .सामूहिक विवाह सोहले में एकूण 51 जोडे़ परिणयबध्द हुए इसमें 35 हिंदू व 16 बौद्ध जोडो़ समावेश था .

विवाह बंधन में विवाहबद्ध हुए सभी जोडो़ को संस्थांना की और से आलमारी व जीवनावश्यक उपयोग में लगने वाली बर्तन दिये गये .साथ में संस्थान की ओर से विवाह नोंदणी प्रमाणपत्र दिया गया .इतना ही नहीं तो इस वर्ष अभी तक 700 शादी संस्थान की ओर से सम्पन्न हुई है रहने की जानकारी चरणसिंग ठाकूर इन्होंने दी है .

इस अवसर भाजप जिल्हा अध्यक्ष डॉ राजीव पोतदार,पूर्व नगराध्यक्ष व सती अनसुया माता संस्थान पारडसिंगा माता मंदिर के अध्यक्ष चरणसिंग ठाकूर,सचिव चिंतामण खंडाईत,नागपूर जिल्हा परिषद शिक्षण सभापती उकेश चव्हाण,प.स. नरखेड सभापती राजू हरणे, काटोल नगरपरिषद नगराध्यक्षा वैशाली ठाकूर,कृषि बाजार समिती पूर्व सभापती दिनेश ठाकरे,पूर्व नगरसेवक अँड दीपक केने,भिषणूर के सरपंच दिनेश टूले,काटोल मुख्यधिकारी अशोक गराटे व नरखेड मुख्यधिकारी माधुरी मडावी,कीर्तनकार कनेरकर महाराज, माऊली महाराज मुळेकर,धम्मसेन भन्तेजी,अंबादास महाराज,काळे महाराज, निलांजनी महाराज ,अशोक काळे,मोरेश्वर मानकर ,शंकर वाळके,आदी मान्यवर उपस्थित थे .

माता के जन्मोत्सव के अवसर मंदिर परिसर में दिनांक 5 मई से 11 मई तक संगीतमय श्रीमद भागवत कथा का आयोजन किया गया था उसी प्रकार सम्पूर्ण सप्ताहात धार्मिक ,आध्यात्मिक उपक्रम के साथ विविध समाजउपयोगी उपक्रम आयोजन किया गया भव्य वारकरी बाल संस्कार शिबीर आकर्षित केन्द्र बिन्दु रहा है . भागवत कथा के समाप्ती उपलक्ष्य में सर्व धर्मिय सामूहिक विवाह सोहला के साथ गोपाल काले का किर्तन भव्य महाप्रसाद आयोजन किया गया था .

माता के जन्मोत्सव सप्ताह सोहला तथा सामूहिक विवाह सोहला के उपलक्ष्य में आयोजन की और से संस्थान के अध्यक्ष चरणसिंग ठाकूर,शिक्षण सभापती देविदास कठाने,नगरसेवक हेमराज रेवतकर, किशोर गाढवे,तानाजी थोटे,राजू चरडे, प्रशांत श्रीपतवार,नगरसेविका वनिता रेवतकर,लता कडू,शालिनी बन्सोड, शालिनी महाजन,जयश्री भुरसे,
वंदना चरणसिंग ठाकूर,धनराज बेलसरे,दिवाकर सोमकुवर,महेंद्र खंडाईत,किशोर गाढवे,कांतक ठवकर,विजय मुदलियार,विठ्ठलराव टेंभे, डॉ.नितीन कामटकर व संस्थान के सभी कर्मचारियों ने परिश्रम लीया .