Published On : Wed, Oct 4th, 2017

पारडी मनपा दवाखाना में ४ माह से चिकित्सक नहीं


नागपुर: नागपुर महानगरपालिका की प्रभाग २५ अंतर्गत पारडी स्थित आयुर्वेदिक दवाखाना है. इस दवाखाना में पिछले जून माह से चिकित्सक नहीं है. अब तक इस दवाखाना में ६००० से अधिक मरीज विभिन्न इलाजों के लिए पहुंचे जरूर लेकिन उन्हें बिना इलाज कराए लौटना पड़ा. प्रभाग २५ के गरीब नागरिक मनपा अस्पताल की बदहाली की शिकायत लेकर स्थानीय कांग्रेसी नगरसेवक पुरुशोत्तम हज़ारे के पास गए। जनता-जनार्दन की जायज मांग को देखते हुए उन्होंने अस्पताल पहुंच जिम्मेदार कर्मियों की जमकर क्लास ली और चेतावनी दी कि समय रहते व्यवस्था नहीं हुई तो ताला ही जड़ दिया जाएगा।

नगरसेवक हज़ारे के अनुसार उन्होंने मनपा स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर अनिल चिव्हाणे को ४ माह पूर्व पत्र देकर पारडी आयुर्वेदिक दवाखाना की स्थिति से अवगत करवाया था. मांग की थी कि जल्द से जल्द अस्पताल में पूर्व चिकित्सक,कर्मी और उपकरण के साथ दवाओं की व्यवस्था की जाए। लेकिन उन्होंने इस मांग को नज़रअंदाज किया। डॉक्टर चिव्हाणे के सन्दर्भ में यह दूसरी बड़ी शिकायत है। पहली कुछ दिनों पूर्व आमसभा के दौरान निर्दलीय नगरसेविका आभा पांडे ने खुलमखुल्ला आरोपों की बौछार लगा दी थी। सभागृह में उपस्थित नगरसेवकों ने भी उनके आरोपों को जायज ठहराया था। लेकिन सफेदपोश और आला अधिकारियों के शह पर डॉक्टर चिव्हाणे को बड़ी सफाई से बचा लिया गया। ऐसे आलम में स्वच्छ, स्वास्थ्य नागपुर की कल्पना करना बस एक सपना ही हो सकता है. मोदी फाउंडेशन ने महापौर और मनपायुक्त से मांग की है कि डॉक्टर चिव्हाणे को जिम्मेदारी मुक्त कर, अन्य सक्षम अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी जाए।


हज़ारे के अनुसार जून तक पारडी आयुर्वेदिक अस्पताल में डॉक्टर आमटे कार्यरत थे. इनके इस्तीफे के बाद मनपा स्वास्थ्य विभाग ने इस पद पर किसी सक्षम अधिकारी की तैनाती करने के बजाय उसे लावारिस छोड़ दिया। बीच में दो माह पूर्व डिप्टी सिग्नल के दवाखाने के डॉक्टर भोले को अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई थी. लेकिन वे भी गायब हो गए. काफी हंगामा के बाद एक महिला चिकित्सक की नियुक्ति की लेकिन दुर्घटना का शिकार होने जाने से उन्होंने आज तक चार्ज नहीं लिया। आज संभवतः नए चिकित्सक को उक्त अस्पताल की जिम्मेदारी सौंपी जाएंगी।