Oops! It appears that you have disabled your Javascript. In order for you to see this page as it is meant to appear, we ask that you please re-enable your Javascript!
    | | Contact: 8407908145 |
    Published On : Thu, Apr 22nd, 2021

    जिलाधिकारी 1 लेकिन सभी घाटों के लिए नियम अलग-अलग

    – किसी भी अधिकृत घाट का स्टॉक नदी तट से 5 किलोमीटर दूर पर नहीं,कोच्चि बांध को संभावित खतरा,मालेगांव(मध्यप्रदेश) की चोरी की रेती जिले में खप रही

    नागपुर – नागपुर जिले में जिले से होने वाली आय और पर्यावरण को हो रहे नुकसान मामले में जिलाधिकारी कार्यालय राज्य में अव्वल क्रमांक पर हैं.इसके अलावा कोरोना काल में खनन निधि की अफरातफरी का आरोप भी गत वर्ष जिले के एक वरिष्ठ विधायक ने विभागीय बैठक के दौरान लगा चुके हैं.
    पिछले 2 वर्ष रेती घाटों का टेंडर नहीं किया गया लेकिन शहर/ग्रामीण/सरकारी उपक्रमों को रेती की उपलब्धता में कोई कमी नहीं आई.कारण साफ़ था कि जिलाधिकारी कार्यालय के शह पर जिले में रेती की खुलेआम चोरी हो रही थी.इस चोरी के क्रम में नदी समेत पर्यावरण को काफी नुक्सान किया गया.

    जब टेंडर हुए ही नहीं तो रेत का स्टॉक आया कहाँ से ? इसके बावजूद जिलाधिकारी कार्यालय ने कागजों पर दर्शाये गए रेती को बेचने की अनुमति दी,यह जानकर कि इस चक्कर में पुनः रेती का उत्खनन अवैध रूप से किया जाएगा।और हुआ भी ऐसा ही,अनुमति काल 3 माह में करोड़ों की रेती का उत्खनन किया गया,सफेदपोश भी करोड़ों में लाल हो गए,निकट के गुर्गे-प्यादे ने भी बड़ी मात्रा में रोटी सेक ली.

    अब पिछले माह रेत घाटों का निलामी हुआ,जिसमें डेढ़ दर्जन रेती घाटों का समावेश था.घाट निलामी के पहले सभी इच्छुकों की एक बैठक हुई,वहां तय की गई रणनीति हकीकत में फेल हो गई,निलामी में भाग लेने वाले और टेंडर पाने वालों ने निलामी बाद से ही रेती उत्खनन शुरू कर दी,जब तक कार्यादेश मिलता,लागत सह कई गुणा मुनाफा कमा चुके थे,इसी समय से टेंडर शर्तो को दरकिनार कर रेत का स्टॉक 5 किलोमीटर की दुरी पर करने के बजाय नदी के आसपास ही कर रहे है,जिसकी शिकायत जिलाधिकारी,उपविभागीय अधिकारी,जिला खनन अधिकारी,तहसीलदार को करने के बावजूद अपनी कुर्सी से हिलने को तैयार नहीं क्यूंकि उन्हें प्रति गाड़ी हिस्सा देने की जानकारी लाभार्थियों ने ही दी हैं.जैसे प्रति गाड़ी तहसीलदार को 10000 मासिक पहुँचाया जा रहा,इससे अंदाजा लगाया जा सकता कि ऊपर का हिस्सा कितना पहुँच रहा होगा।

    कोच्चि बांध को खतरा ?
    कोच्चि बांध का निर्माणकार्य शुरू हैं,इसलिए निकट का नंदापुर घाट की निलामी नहीं की गई,ताकि बांध को भविष्य में कोई खतरा न होने पाए.लेकिन निकट के रेत माफिया नंदापुर घाट से रेती का उत्खनन कर बांध को संभावित खतरा पहुंचा रहे,इस घाट पर एक नहीं बल्कि 2-2 मशीन चल रही हैं.
    मालेगांव से चोरी की रेती आ रही

    मालेगांव हालांकि मध्यप्रदेश के बॉर्डर पर हैं,इस घाट पर मध्यप्रदेश प्रशासन का भी ध्यान नहीं।इसके निकट महाराष्ट्र के रेती घाट में उम्मीद के अनुरूप रेती न होने से मालेगांव की घाट से चोरी की रेती लेकर नागपुर जिले के निकटवर्ती घाट की रेती दर्शाकर बेचीं जा रही और रॉयल्टी नागपुर जिले की फाड़ी जा रही.मालेगांव से पिछले ६ माह से अधिक समय से रेती का अवैध उत्खनन शबाब पर हैं.यहाँ भी मशीन से उत्खनन जारी हैं.

    उल्लेखनीय यह हैं कि जिले के रेट घाट और उसके वैध/अवैध उत्खननकर्ता या ख़रीदीदार के हिसाब से तहसीलदार/उपविभागीय अधिकारी/जिला खनन अधिकारी/जिलाधिकारी न्याय/अन्याय कर रहे,और जिनका घाट आजतक शुरू नहीं हुआ,उसे शुरू करने में आ रही अड़चनों को दूर करने में कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे,जबकि शुरू न होने वाले घाटों से टेंडर की पूर्ण रकम भरवा ली गई हैं.जल्द ही इस सन्दर्भ में एक जनहित याचिका दायर की जाएगी।


    Trending In Nagpur
    Stay Updated : Download Our App
    Mo. 8407908145