Published On : Mon, Sep 26th, 2022

जिले में बकरियों और गायों के वितरण घोटाला

– जाँच समिति गांवों का दौरा कर योजना का निरीक्षण कर रही हैं

नागपुर – किसानों को अतिरिक्त आय दिलाने के उद्देश्य से खनिज निधि से जिला परिषद के माध्यम से बकरियों व गायों का वितरण किया गया. इस वितरण व्यवस्था के बाद विभागीय उपायुक्त ने यह जांचने के आदेश दिए हैं कि इस योजना के लाभार्थियों को वास्तव में लाभ मिला है या नहीं। इसलिए इसकी जांच के लिए जिला परिषद के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी के नेतृत्व में एक कमेटी बनाई गई है और गांवों का दौरा कर योजना का निरीक्षण किया जा रहा है.

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प्रशासन की समग्र गतिविधियों को देखते हुए इस समय जिला परिषद में इस बात की जोरदार चर्चा है कि उक्त योजना में घोटाला हुआ है. दिलचस्प बात यह है कि जिला परिषद के कई पदाधिकारियों ने एक विशेष ठेकेदार से जानवर खरीदने पर जोर दिए,जाँच समिति की हलचल से सभी सकते में आ गए. यह योजना वर्ष 2021 में जिले के तेरह तहसीलों में पशुपालकों के लिए लागू की गई थी। इसके लिए खनिज विभाग की ओर से बकरियों के वितरण के लिए 11 करोड़ रुपये और गायों के वितरण के लिए 14 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई है। इस योजना में 1026 गायों और 959 बकरियों का वितरण किया गया। शासकों ने पूरे जिले में इस योजना की सफलता की घोषणा की। हालांकि विपक्ष ने इस योजना में गड़बड़ी का आरोप भी लगाया था. संभागीय उपायुक्त ने इस मामले को गंभीरता से लिया है.

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जिप प्रशासन का कहना है कि कहा जाता है कि इस आवंटन से कई जानवर गायब हो गए हैं। यदि पशुओं का वितरण ही नहीं हुआ या पशु वितरण के बाद अचानक गायब हो गए तो उपायुक्त ने योजना की जांच कर इस पर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया. संपर्क करने पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी योगेश कुंभेजकर ने बताया, ‘खनिज कौशल विकास योजना के तहत जिले में बकरियों व गायों का वितरण किया गया. लाभार्थियों को बांटे गए पशुओं का निरीक्षण किया जा रहा है। जांच का नेतृत्व अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी कमलकिशोर फुटाणे कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह अभी भी चल रहा है और रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपी जाएगी।

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