Published On : Fri, Oct 11th, 2019

तुअर, उड़द, मूंग दलहन आयात के संबंध में चर्चा

ऑल इण्डिया दाल मिल एसोसिएशन ने दी जानकारी

Advertisement
Advertisement

विदेशों से तुअर, उड़द, मूंग दलहन आयात के संबंध में चर्चा के लिये प्रतिनिधि मण्डल दिल्ली में देश की दाल मिलों द्वारा तुअर, उड़द, मुंग दलहन आयात के संबंध में चर्चा के लिये भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के विदेश व्यापार महानिदेशालय, नई दिल्ली के डायरेक्टर श्री के.सी. राउतजी की अध्यक्षता में दिनंाक 11.10.2019 को दोपहर 12.00 बजे उद्योग भवन, नई दिल्ली में एक मीटिंग रखी गई, जिसमें विदेश व्यापार महानिदेशालय डेप्युटी डायरेक्टर जरनल श्री एस.के. मोहपात्रेजी एवं अन्य गणमान्य अधिकारी उपस्थित थे। उपरोक्त मीटिंग में संस्था को विशेष रूप से आंमत्रित किया गया.

Advertisement

यह जानकारी देते हुए ऑल इण्डिया दाल मिल एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल और बीकानेर से अशोक कुमार वासवानी ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि विदेश व्यापार महानिदेशालय, नई दिल्ली द्वारा आयोजित मीटिंग में वर्तमान में तुअर, उड़द, मुंग, दलहन आयात के लिये दाल मिलों को जो कोटा आंवटित किया गया हैं और आयात संबंधी विभिन्न मुद्दो पर चर्चा की गई . मीटिंग में संस्था की ओर से सरकार द्वारा वर्तमान में दलहन आयात की जो समय सीमा निर्धारित की है, उसे बढ़ाने और दाल मिलर्स को आयात में होने वाली विभिन्न समस्याओं के समाधान करने के लिये चर्चा कर अनुरोध किया .

Advertisement

डी.जी.एफ.टी. के द्वारा मीटिंग में यह बताया गया कि जिन-जिन लोगों को आयात के लायसेंस दिये गये हैं, वह अपना माल (दलहन) तुअर, उडद, मूंग 31.10.2019 तक मंगवा ले और अपने-अपने सदस्यों का पूरा डाटा बनाकर डी.जी.एफ.टी. को भिजवा दे . वर्तमान में सरकार द्वारा दलहन आयात की अवधि 31.10.2019 निर्धारित की गई है, उसे बढ़ाकर 30.11.2019 करना चाहिये, जिससे तुअर, उड़द, मुंग के आयात का निर्धारित कोटा दाल मिलर्स मंगवा सके. जहाज रवाना होने पर रास्ते में क्राॅसिंग के कारण पोर्ट पर जगह नहीं मिलने पर जहाज लेट हो जाते हैं, जिससे अनेक व्यापारी चितिंत होकर माल नहीं मंगवा पा रहे हैं .

मटर आयात के लायसेेंस भी अभी तक नहीं दिये गये हैं, जबकि सरकार के नोटिफिकेशन नम्बर 06/2019-20 दिनांक 16.04.2019 के द्वारा सूचना जारी की गई थी और अनेक दाल मिल व्यापारियों ने समयावधि में मटर आयात के लायसेेंस के आवेदन कर दिये थे किन्तु, ना तो अभी तक लायसेेंस जारी किये गये हैं और ना ही व्यापारियों की फीस वापिस की गई हैं . अतः जिन व्यापारियों ने मटर आयात के लायसेेंस के आवेदन दिये हैं उन्हें अतिशीघ्र मटर आयात का कोटा जारी किया जाना चाहिये .

वर्तमान में मध्यप्रदेश में अति वृष्टि के कारण खास करके उड़द दलहनों की फसलों को जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई के लिये देश में कम-से-कम एक लाख मीट्रिक टन उड़द का अतिरिक्त आयात करना चाहिये, जिससे कि मार्च 2020 तक उड़द दाल मिलें कारखानों में उत्पादन सुचारू रूप से कर सकें .

संस्था के पदाधिकारियों ने मीटिंग में अनुरोध किया कि देश के अलग-अलग राज्यों के कुछ व्यापारियों को उच्च न्यायालय द्वारा स्टे दिया गया है वे व्यापारी स्टे के माध्यम से आयात कर रहे है उनके विरूद्ध भारत सरकार को सुप्रीम कोर्ट मे अपील करनी चाहिए . पूर्व में गुजरात हाईकोर्ट निर्णय के विरूद्ध सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगी थी जिसको सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज कर दिया गया. इसलिये सरकार को सुप्रीम कोर्ट में स्टे के विरूद्ध अपील करके अतिशीघ्र निर्णय करना चाहिये . दाल मिलर्स व्यापारियों को जो आयात की पाॅलिसी भारत सरकार द्वारा बनाई गई है वह उचित एवं सही है . इसलिए संस्था तथा कुछ लोगों ने इसे आगे भी दाल मिलर्स व्यापारियों के लिए जारी रखने का अनुरोध किया .

Advertisement

Advertisement
Advertisement
 

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement