Published On : Sat, Jul 4th, 2020

अस्थाई आरोग्य कर्मचारियों का शिष्टमंडल स्वस्थ अधिकारी सवई से मुलाकात की

नागपुर :- केंद्रीय श्रमिक संगठनों के आह्वान पर नागपुर महानगर पालिका अस्थाई आरोग्य कर्मचारी संघटना का एक शिष्टमंडल डॉक्टर योगेंद्र सवाई स्वास्थ्य अधिकारी नागपुर महानगर पालिका से मिला और मांगों का एक ज्ञापन सौंपा। शिष्टमंडल का नेतृत्व संगठन के अध्यक्ष जम्मू आनंद ,मिलिंद उके, रुपेश सायरे, सचिन अतालकर, अजय रामटेके, प्रकाश तायवाडे, श्रीकांत पाटिल एवं सुश्री. धरती डोंगरे का समावेश था.

शिष्टमंडल ने स्वास्थ्य अधिकारी को स्पष्ट रूप से कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन एवं स्वास्थ्य व कुटुंब कल्याण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन नागपुर महानगर पालिका ने नहीं किया। स्वास्थ्य कर्मियों के संदर्भ में जिन बातों को ध्यान में रखना चाहिए था जिससे कि उनकी सुरक्षा और उन कर्मियों को पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट देनी चाहिए थी वह दिए नहीं गए. उसी प्रकार स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस बात को रेखांकित किया था कि कोविड के दरम्यान स्वास्थ्य कर्मियों की मानसिक संतुलन को बनाए रखने हेतु नियमित छुट्टी दिया जाना चाहिए। अतः रोटेशन पद्धति से हर कामगार को छुट्टी दिया जाना था जिसका भी पालन पिछले साढे 3 महीने में नहीं किया गया. यहां तक इतवार की भी छुट्टी नहीं दी गई जिससे स्वास्थ्य कर्मी आज मानसिक तनाव में काम करने के लिए मजबूर है.

प्रतिनिधिमंडल ने यह मांग की जो स्वास्थ्य कर्मी या अन्य कर्मी अपने जान को जोखिम में डालकर लोगों की सेवा कर रहे हैं उन्हें प्रोत्साहन भत्ता दिया जाना चाहिए अर्थात आशा वर्कर्स को नागपुर महानगर पालिका को लागू होने वाला अकुशल कामगार का एक किमान वेतन और अन्य कर्मचारी जैसे क्षयरोग कार्यकर्ता, जनरल नर्स मिडवाइफरी, ऑक्सिलरी नर्स मिडवाइफरी, प्रयोगशाला और आशा कर्मचारी और राष्ट्रीय क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम से जुड़े TBHV, वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक (STS), वरिष्ठ उपचार प्रयोगशाला पर्यवेक्षक (STLS), प्रयोगशाला तकनीशियन (LT), डाटा एंट्री ऑपरेटर (DEO), लेखपाल (Accountant), फार्मेसिस्ट (Pharmacist), पब्लिक प्राइवेट मिक्स कोऑर्डिनेटर (PPMC), प्रत्यक्ष रूप से देखे गए उपचार लघु पाठ्यक्रम चिकित्सा पर्यवेक्षक (DOT’s), तथा राष्ट्रीय शहरी हेल्थ मिशन के अंतर्गत कार्यरत जनरल नर्स मिडवाइफरी (GNM), ऑक्सिलरी नर्स मिडवाइफरी,(ANM), प्रयोगशाला तकनीशियन (LT), फार्मासिस्ट, अटेंडेंट, को उनके 1 महीने का मानधन प्रोत्साहन भत्ते के रूप में दिया जाना चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी मांग की कि छुट्टी के दिन काम किए जाने पर दोगुना वेतन दिया जाय. प्रतिनिधि मंडल से स्वास्थ्य अधिकारी ने गंभीरता पूर्वक चर्चा की और आश्वासन दिया कि योग्य निर्देश संबंधित अधिकारीयों को दिए जायेंगे।

इस अवसर पर यूनियन द्वारा स्वस्थ कर्मियों के सुरक्षा सम्बन्धि दो पोस्टरों का विमोचन डॉ. सवाई के हाथों संपन्न हुआ.