Published On : Fri, Jan 21st, 2022

कोराडी मे प्रस्तावित थर्मल पॉवर प्लांट निर्माण मे विलंब!

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– ऊर्जा मंत्रालय की चुप्पी नागरिकों मे असंतोष?

कोराडी– विस्तारित 660×2 मेगावाट स्थापित क्षमता की 2 बिजली परियोजना निर्माण के संबंध मे ऊर्जा मंत्रालय की संदेहास्पद भूमिका को लेकर राज्य की आघाडी तिकडी सरकार की कार्यप्रणालियों पर अविश्वास उत्पन्न होने लगा हैं? ज्ञातव्य है कि कोराडी के पुराने 120 मेगावाट क्षमता के 4 संयंत्रों से 2010-2010 मे बिजली उत्पादन बंद करवा दिया गया

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2019-2020 मे उन स्क्रैपनुमा चारों संयंत्रों को निलामी के तहत हटा (डिस्मेन्टल) कर दिया गया हैl हटाए गये चारों संयंत्रों की रिक्त जगह पर 660 मेगावाट क्षमता के 2 बिजली संयंत्र निर्माण का प्रस्ताव तत्कालीन ऊर्जामंत्री श्री चंद्रशेखर बावनकुले की अध्यक्षता मे तैयार किया गया थाl इतना ही नही 2020 मे इस प्रस्तावित परियोजना का शिलान्यास किया जाना तय था? परंतु 2019 के विधानसभा चुनाव मे महाराष्ट्र राज्य मे सत्ता परिवर्तन के बाद वह प्रस्ताव ठन्डे वस्ते मे फाईलों मे कैद बनकर रह गया है?

परियोजना निर्माण के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध
महानिर्मिती पावर प्लांट के तकनीकी सूत्रों की माने तो कोराडी विधुत परियोजना परिसर मे बिजली संयंत्र परिचालन के लिए जरुरत से अधिक जमीन उपलब्ध हैl बिजली केन्द्र की राख विसर्जन के लिए राखबंधारा,देश के कोने कोने से कलपुर्जे संयंत्र सामग्रियां लाने लेजाने के लिए ब्राडगेज रेलवे लाईने मौजूद हैlइसके अलावा निर्माणाधीन बिजली संग्रहण के लिए स्विस यार्ड उपकेंद्र तथा टर्वाईन जनरेटर,वाष्पक संयंत्र,धुंआ निकासी चिमनी,गर्म पानी ठन्डे करने के लिए कुलंग टावर के लिए जमीन उपलब हैl

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